दवा का सेवन नशे के रूप में किया तो खैर नहीं, निषेधाज्ञा लागू

2:00 pm or July 11, 2019
दवा का सेवन नशे के रूप में किया तो खैर नहीं, निषेधाज्ञा लागू

मोहम्मद सईद

दवा का सेवन नशे के रूप में किया तो खैर नहीं, निषेधाज्ञा लागू

दवा का सेवन नशे के रूप में किया तो खैर नहीं, निषेधाज्ञा लागू

शहडोल 11 जुलाई अभीतक। जिले के युवाओं में दवा का सेवन नशे के रूप में करने की लत लगातार बढ़ रही है और युवा इस लत के दलदल में फंस रहे हैं। कलेक्टर ललित दाहिमा के संज्ञान में जब यह बात आई कि जिले में दवा उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है, तो कलेक्टर श्री दाहिमा ने इसे गंभीरता से लिया और उन्होंने इस पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी।

                 कलेक्टर एवं जिला दण्डााधिकारी ललित दाहिमा ने बताया कि जिलें में नींद एवं ट्रक्वेलाइजर श्रेणी की दवाईयों का उपयोग आपराधिक तत्वों के द्वारा नशे के रूप मे किये जाने की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि इस पर अंकुश लगाने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 (2), निषेधाज्ञा लागू की गई है। जिससे संबंधित श्रेणी की दवाईयों का अवैध रूप से नषे के रूप में उपयोग पर अंकुश लगया जा सके एवं अपराधिक गतिविधियांे पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकें।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दाहिमा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रदेन उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देशित किया है कि अधीनस्थ औषधि अनुज्ञापन प्रादाधिकारी के माध्यम से निमित एवं आकस्मिक निरीक्षण कर जिलें में संचालित मेडिकल स्टोरों की करवाना सुनिष्चित करें एवं अनियमितता पाये जाने पर तत्काल कार्यवाही सुनिष्चित करें। प्रतिबंधात्माक आदश के अन्तर्गत में शहडोल जिले के राजस्व सीमा में समस्त नाईट्राजेपाम टेबलेट्स, समस्त क्लोनेजेपाम टेबलेट्स, समस्त डायजेपाम टेबलेट्स (बेलियम-10, काॅम्पोज टेबलेट्स आदि) समस्त आॅक्साजीपाम टैबलेट्स, समस्त इटिजोलाम टैबलेट्स, समस्त एल्प्राजोलम टेबलेट्स, समस्त कोडीन सिरप टेबलेट्स, क्लोजापाम टेबलेट्स का विक्रय केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर के लिखित प्रिस्क््िरप्शन पर ही विक्रय किया जाये एवं उसकी एक छायाप्रति संबंधित मेडिकल स्टोर मे रखी जाए। इसी प्रकार गर्भपात एवं गर्भ समापन जैसी औषधियां (गोली, इन्जेक्शन एवं जेल) का भी विक्रय रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर के लिखित प्रिस्क्रिप्शन पर ही विक्रय किया जाए एवं छायाप्रति रखी जाए।

जारी आदेष से प्रभावित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144(5) के अन्तर्गत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। जारी आदेष तत्काल लागू किया गया यह आदेष 11 जुलाई 2019 से 10सितम्बर 2019 तक प्रभावषील रहेगा। उक्त अवधि में उल्लंघन धारा 188 भारतीय दण्ड एवं विधान संहिता के अन्तर्गत अपराध के श्रेणी में माना जावेगा।

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