गरिमामय समारोह में ब्रह्मलीन स्वामी श्री नित्यानंदजी महाराज की प्रतिमा की हुई प्रतिष्ठापना

महावीर अग्रवाल
 मन्दसौर ११ जुलाई ;अभी तक;  श्री चैतन्य आश्रम मेनपुरिया के संरक्षक, पू. ब्रह्मलीन स्वामी श्री नित्यानंदजी महाराज की भव्य दर्शनीय प्रतिमा का 11 जुलाई को चैतन्य आश्रम के संरक्षक पूज्य संत श्री धीरेशानंदजी महाराज, युवाचार्य श्री महेशचैतन्यजी महाराज, श्री देवानंदजी महाराज, श्री चैतन्यानंदजी महाराज, रामायण प्रवक्ता संत श्री सियाशरणदासजी महाराज(अयोध्या) एवं भागवत प्रवक्ता श्री कमलेशजी शास्त्री के सानिध्य में गरिमामय समारोह के साथ प्रतिष्ठापना हुई।
              प्रारंभ में विप्र वृंद पं. जगदीश शास्त्री, प्रकाश शर्मा, कमलेश दुबे एवं नितेश रावल द्वारा हवन कराया गया। तत्पश्चात् स्वामी श्री नित्यानंदजी की प्रतिमा का वैदिक विधि विधान से पंचामृत अभिषेक, पूजन, आरती की गई।
               ब्रह्मलीन स्वामी श्री नित्यानंदजी जी महाराज ने बाल बह्मचारी रहकर सन्यास धर्म का पालन करते हुए सार्वजनिक जीवन में हिन्दू सनातन धर्म के विभिन्न 300 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया। आपने गौशालाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया साथ ही असहाय कन्याओं का विवाह, गरीब विद्यार्थियों की फीस, स्टेशनरी, यूनिफार्म आदि की सहायता करना और भागवत कथा के माध्यम से मालवा क्षेत्र ही नहीं राजस्थान, गुजरात आदि स्थानों में कथा वाचन करते हुए धर्म चेतना जागृत करने जैसे कई श्रेष्ठ महत्वपूर्ण पारमार्थिक, धार्मिक कार्य स्वामीजी के द्वारा सम्पन्न कराये गये। जो आज भी उनकी स्मृति को संजोये हुए है। ज्ञातव्य है कि स्वामी श्री नित्यानंदजी ने भागवत कथा करते हुए विगत 14 जनवरी, मकर सक्रांति पर्व को मुक्तिधाम काशी वाराणासी में गंगा तट पर अपनें पंचभौतिक देह का विसर्जन कर भगवान काशी विश्वनाथ की अनंतकाल के लिये शरण गृहण करी।
               उपस्थित रहे- श्री चैतन्य आश्रम लोकन्यास ट्रस्ट उपाध्यक्ष डॉ. घनश्याम बटवाल, सचिव राधेश्याम सिखवाल, कोषाध्यक्ष जगदीशचन्द्र सेठिया, न्यासीगण वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी, भेरूलाल सुथार भालोट, उदयलाल पड़ियार भालोट, रणछोड़ कुमावत, बंशीलाल टांक एवं पत्रकार अनिल संगवानी, दशपुर जागृति संगठन अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र पुराणिक, अरूण शर्मा, प्रद्युम्न शर्मा, दशरथलाल सुथार, निम्बोद सरपंच देवनारायण गोयल, शंकरलाल राठौर, बेहपुर गौशाला अध्यक्ष रूपचंद देववाणी, पन्नालाल पटेल आदि बड़ी संख्या में धर्मालुजन सम्मिलित हुए।

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