पिपलियामंडी में हुए राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेशजी के प्रवचन

2:51 pm or May 15, 2019
पिपलियामंडी में हुए राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेशजी के प्रवचन
महावीर अग्रवाल
 मन्दसौर १५ मई ;अभी तक;  धागे का एक-एक तिनका अलग-अलग बिखरा पड़ा है कचरे के रूप में अस्तित्वहीन नजर आता है। यदि उन धागों को संगठित करके रस्सी का आकार दे दे तो विशालकाय हाथी को बांधने की भी शक्ति निर्मित हो जाती है। अर्थात् कलयुग में संगठन से बढ़कर और कोई धर्म नहीं है।
पिपलियामंडी में हुए राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेशजी के प्रवचन

पिपलियामंडी में हुए राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेशजी के प्रवचन

उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर भवन पिपलिया मंडी मेरे भगवान महावीर के संघ स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही। आपने कहा कि संगठन की नींव पर ही धर्म की मंजिल खड़ी की जा सकती है। धर्म दीर्घायु बन सकता है संगठन का साक्षात चमत्कार हजारों वर्षों बाद भी आज धर्म और संतों का निर्माण हो रहा है।

               मुनि कमलेश ने कहा कि भगवान ने भी संघ को अपने आप से महान बताया है बड़ा बताया है। राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि जिसकों संगठन में विश्वास नहीं अहिंसा उसके पास नहीं। संगठन का अपमान साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है। संगठन किसी के नाम से हो  उसका उद्देश्य  समन्वय  और सबको साथ लेकर  चलने की भावना है वह पूजनीय है । जैन संतों ने कहा कि पंथ जाति प्रांत संप्रदाय के कुंठित विचारों से ग्रसित होते हैं तो धर्म देश और मानवता के लिए अभिशाप बनता है। संगठन में स्वार्थ की बू आती है तो विनाश का काम करता है। उन्होंने कहा कि  संगठन का उद्देश्य सकारात्मक सोच  निस्वार्थ सेवा  होना चाहिए।
                 महासती श्री कीर्ति सुधा जी ने  बताया कि भगवान महावीर ने नारी हो या पुरुष, किस जाति का क्यों ना हो सभी को संघ में समानता का स्थान दिया। महासती विश्वास जी ने कहा कि गरीब और अमीर की भेद रेखा को समाप्त करके गुण और योग्यता के आधार पर उसकी व्यवस्था का कार्यभार सौंपा। पद शोभा के लिए नहीं सेवा के लिए है। सभी जनता ने एकता का संकल्प लिया। महासती आरजू जी ने मंगलाचरण किया। सभा का संचालन हेमंत पितलिया ने किया। अजय कीमती ने आभार व्यक्त किया। नारायणलाल वीरवाल जैन ने राष्ट्र संत का अभिनंदन किया। श्री कौशल मुनि जी श्री घनश्याम मुनि जी गीत प्रस्तुत किया का अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली ने इस वर्ष को संगठन वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया मुनि कमलेश और मूर्तिपूजक संघ ने समन्वय स्थापित करके एकता का आदर्श प्रस्तुत किया। आज 16 मई को प्रातः 9 बजे जीरन जैन उपाश्रय में जनसभा को संबोधित करेंगे।

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