बिना प्रमाणीकरण के विज्ञापन पर दंड

मयंक भार्गव, बैतूल से
बैतूल, 17 अप्रैल ;अभी तक;  प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया राजनीतिक विज्ञापनों को बिना प्रमाणीकरण के प्रकाशित नहीं करने के संबंध में प्रावधान इस प्रकार हैं-
                  केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम 1995 के अंतर्गत अधिनियम के प्रावधान किसी भी केबल ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन किए जाने पर अधिनियम की धारा 12 के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में उपकरण जप्त करने के लिए प्रदान करती है। इसी प्रकार अधिनियम की धारा 13 उपकरण और सजा दोनों से दंडित करने के लिए उपबंधित करती है। प्रिंट मीडिया को मतदान के 48 घंटे पूर्व विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति से प्रमाणन की आवश्यकता होगी। बिना प्रमाणन के प्रिंट मीडिया विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकता है।
                  इसके साथ ही प्रिंट मीडिया में विज्ञापन (विज्ञापन हेतु अभ्यर्थी की अनुमति है तो निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा यदि सहमति नहीं है तो 171 एच (आईपीसी) के तहत प्रकाशक के विरुद्ध अभियोजन किया जा सकता है) भारतीय दंड संहिता की धारा 171 एच के अनुसार चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थी की अनुमति के बिना विज्ञापनों पर किया जाने वाले व्यय निषेध है।

About the author /


Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *