सर्व कल्याण के भाव से पशुपतिनाथ मंदिर से सांई धाम शिरड़ी के लिये पैदल कावड़ यात्रा को विदाई दी गई

महावीर अग्रवाल
 मन्दसौर २४ मार्च ;अभी तक;  श्री पशुपतिनाथ धाम से श्री शिरड़ी धाम के लिये लगातार 26वें वर्ष पैदल कावड़ यात्रा को एक आत्मीय समारोह में विदा किया गया। भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर गर्भगृह में पूजन अर्चन के बाद श्री शिरड़ी वाले सांई बाबा की तस्वीर व पादुका का भी पूजन कर कावड़ में शिवना नदी का जल प्रवेश कराया। 24 मार्च को मंदसौर से विदा हुई यह कावड़ यात्रा राम नवमी के दिन शिरड़ी सांई धाम पहुंचेगी जहां सांई बाबा की प्रतिमा का शिवना सहित 9 पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हम इस पुण्य कार्य के सहभागी बनते हैं, नौ नदियों के पवित्र जल का संगम और भोले बाबा के दरबार में सांई के दरबार तक पैदल कावड़ यात्रा वास्तव में एक विलक्षण प्रसंग है। यह यात्रा धर्म की ध्वजा को शिखर तक ले जाएगी।
                 पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटील ने कहा कि 26 वर्षों से चली आ रही इस परम्परा की निरन्तरता भगवान श्री पशुपतिनाथ और सांई बाबा की प्रत्यक्ष कृपा का ही सुपरिणाम है। यह पैदल कावड़ यात्रा हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा को और अधिक बढ़ाएगी।
               पूर्व जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मदनलाल राठौर ने कहा कि सर्वकल्याण की भावना से पैदल कावड़ यात्रा सभी को मनोकामनाएं पूर्ण करेगी। हमारी प्राचीन संस्कृति व परम्पराओं में पैदल यात्राओं का बड़ा ही महत्व है। इसी प्रकार अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी कारूलाल सोनी, भाजपा नगर मण्डल उत्तर के अध्यक्ष नरेश चंदवानी, सामाजिक कार्यकर्ता हिम्मत डांगी, पार्षद प्रतिनिधि सुदीप पाटील ने भी शुभकामनाएं व्यक्त की। धर्मसेवी बंशीलाल टांक ने कहा कि पैदल यात्रा एक कठिन साधना है, जिसका सुखद परिणाम अवश्य मिलता है।
               आरंभ में सभी अतिथियों ने कावड़ यात्रियों का स्वागत किया। तत्पश्चात् अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के संयोजक मोहनलाल सोनी, राजेश सोनी ऐरावाला, सुरेश राठौर, विजय सोनी, जयप्रकाश सोनी, महेश सोनी, आशिष पिल्लई आदि ने किया। मोहनलाल सोनी परिवार की ओर से कावड़ यात्रियों को टी शर्ट व केप भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी ने किया, आभार मोहनलाल सोनी ने माना।
ये हैं पैदल कावड़ यात्री
राजेश चांवरे, शिवनारायण डुलगज, सदानन्द भारतीय, राकेश मालवीय, अनिल सूर्यवंशी, रघु धाकड़, उमेरसिंह पनवार, विनय डागर, राहुल खोकर, मंगल खोकर, अजय तोमर, भुरू धामने, शिवम पारोसिया, गोलू फतरोड़, रूपेश कण्डारे, अजय चिंतामण व राजेश चौहान।
इन नो नदियों का जल संगम
शिवना, चम्बल, क्षिप्रा,  नर्मदा, गोदावरी, तृप्ती, सोमली, माही कावेरी।

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