पुलमावा हमले के मुख्य षड्यंत्रकारी मुदस्सिर खान का करीबी सहयोगी गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 22 मार्च ; जैश-ए-मोहम्मद के कथित आतंकवादी सज्जाद खान को दिल्ली पुलिस ने यहां गिरफ्तार किया है। वह पुलवामा हमले के मुख्य षड्यंत्रकारी मुदस्सिर खान का करीबी सहयोगी है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पुलवामा निवासी सज्जाद अहमद खान (27) पर भी पुलवामा हमलों की साजिश में शामिल होने का संदेह है।

अधिकारियों ने बताया कि सज्जाद को गुरुवार देर रात लाजपत राय बाजार के पास गिरफ्तार किया गया। ऐसा समझा जाता है कि वह हमले के पहले और बाद में आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के साथ नियमित संपर्क में था।

अधिकारियों ने बताया कि मुदस्सिर के निर्देश पर सज्जाद दिल्ली चला आया था और शाल विक्रेता की आड़ में यहां रहकर जैश के स्लीपर सेल की स्थापना कर रहा था।

मुदस्सिर हाल में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गत 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

उसी दिन, मुदस्सिर ने व्हाट्सएप पर सज्जाद से संपर्क किया और उसे सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की जानकारी दी।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि मुदस्सिर ने सज्जाद को आदिल डार का एक वीडियो भेजा और बाद में उसे उसके फोन से हटा दिया। डार ने ही फिदायीन हमले को अंजाम दिया था।

कुशवाह ने कहा, ‘‘मुदस्सिर ने उसे (सज्जाद को) स्लीपर सेल स्थापित करने का काम सौंपा था। उसे विशेष रूप से खास लक्ष्यों की टोह लेने और दिल्ली में ठिकाने स्थापित करने के लिये यहां भेजा गया था।’’ कुशवाह ने कहा कि उसे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के मुस्लिम युवाओं को चरमपंथी बनाने और भर्ती करने, उन्हें हथियारों, विस्फोटक और फील्ड क्राफ्ट का प्रशिक्षण देने, धन और हथियार जुटाने का काम भी सौंपा गया था।

मुदस्सिर ने फिदायीं हमलों के लिए युवा कश्मीरी युवकों की पहचान करने का काम भी सज्जाद को सौंपा था।

उन्होंने कहा कि सज्जाद ने जम्मू-कश्मीर के गदपोरा के निवासी और त्राल के मिदुरा के रहने वाले तनवीर को प्रेरित और भर्ती किया।

कुशवाह ने बताया कि एनआईए ने हाल ही में एक मामला दर्ज किया था जिसमें मुदस्सिर खान के साथ सज्जाद को आरोपी बनाया गया था। सज्जाद के दो भाई जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी थे, जो मारे जा चुके हैं।

तीनों भाई शुरुआत में पथराव में शामिल थे। फरवरी 2015 में, सज्जाद के भाई इश्फाक को पथराव के लिए सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था और लगभग नौ महीने तक श्रीनगर जेल में रहा।

अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर जेल में इश्फाक जैश के आतंकवादी नूर मोहम्मद तांत्रेय के संपर्क में आया। तांत्रेय 2017 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया।

अधिकारी ने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद, इश्फाक ने शुरू में जैश के लिए जमीनी कार्यकर्ता के रूप में काम किया और बाद में जैश का सक्रिय आतंकवादी में बन गया।

अधिकारी ने कहा कि वह करीब 18 महीने तक सक्रिय रहा, लेकिन 25 अप्रैल, 2018 को पुलवामा के लाम में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ मारा गया।

उसकी मृत्यु के बाद, मुदस्सिर खान अक्सर पुलवामा में उसके निवास पर जाता था और शौकत और सज्जाद अहमद खान को जैश में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि जून 2018 के अंत तक शौकत भी जैश में शामिल हो गया।

शौकत भी बाद में सितंबर 2018 में त्राल के चान में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मौलाना मसूद अजहर के भतीजे और आतंकवादी इब्राहिम अजहर के बेटे उस्मान हैदर के साथ मारा गया।

शौकत की मृत्यु के बाद, मुदस्सिर ने सज्जाद के निवास पर अक्सर आना-जाना शुरू कर दिया और सज्जाद को जैश के कैडर के रूप में काम करने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारी ने बताया कि सज्जाद ने शुरू में सेना के काफिले की आवाजाही और सेना द्वारा घेराबंदी करके चलाए जाने वाले तलाशी अभियान की जानकारी दी।

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