छिंदवाड़ा महापौर के खिलाफ कार्यवाही पर रोक बरकरार, सरकार की तरफ से पेश की गयी आपत्ति 

सिद्धार्थ पाण्डेय
 जबलपुर १२ फरवरी ;अभी तक;  पद से विमुक्त किये जाने के संबंध में सरकार द्वारा जारी किये गये शो-कॉज नोटिस जारी किये जाने के खिलाफ छिंदबाड़ा महापौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल ने मंगलवार को याचिका की सुनवाई करते हुए अधिवक्ता के प्रतिवाद दिवस के कारण अगली सुनवाई 14 फरवरी को निर्धारित की है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक याचिककर्ता के खिलाफ सरकार किसी प्रकार का एक्शन नहीं ले।
                    छिंडबाड़ा महापौर श्रीमति कांत योगेंद्र सदारंग को पद से विमुक्त करने की कार्यवाही के संबंध में प्रदेश सरकार ने 31 जनवरी को नोटिस जारी किया था। जिसके खिलाफ उन्होने हाईकोर्ट में शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि उन पर समय अनुसार बैठक नहीं करने तथा दुकान आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उक्त नोटिस जारी किया गया है। याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि वह भारतीय जनता पार्टी की सदस्य है। प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर कार्यवाही की जा रही है। याचिका पर हुई पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने समय प्रदान करने का आग्रह करते हुए एकलपीठ को बताया कि अगामी मंगलवार तक छिंदवाड़ा महापौर के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जायेगी।
                    मंगलवार को प्रतिवाद दिवस के कारण संबंधित पक्षों के अधिवक्ता पैरवी के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। याचिकाकर्ता की पॉवर आॅफ अटॉनी के साथ उनकी तरफ से एस आर सक्सेना उपस्थित हृुए। सरकार द्वारा पेश की गयी आपत्ति का अध्ययन के लिए एक दिन का समय प्रदान आग्रह किया। सरकार की तरफ से उपस्थित ओआईसी डिप्टी डायरेक्टर एस के दुबे ने इस पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं पेश् की। जिसके बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये।

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