आज पैरवी के लिए उपस्थित नहीं होगे अधिवक्ता,  रैली निकाल पीएस व सीएम के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

सिद्धार्थ पाण्डेय
जबलपुर ११ फरवरी ;अभी तक;  अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता व लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संस्थाओं की रक्षा एवं अधिवक्ता कल्याण की विभिन्न मांगों को लेकर आज मंगलवार 12 फरवरी को देशभर के अधिवक्तागण न्यायलयीन कार्य से विरत् रहेंगे। मप्र हाईकोर्ट बार एसोसियेशन व मप्र स्टेयरिंग कमेटी के संयोजक आदर्श मुनि त्रिवेदी ने पत्रवार्ता में उक्त जानकारी दी।
                      स्टेरिंग कमेटी के संयोजक आदर्श मुनि त्रिवेदी ने पत्रवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि बीसीआई द्धारा पारित प्रस्ताव अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संस्थाओं की रक्षा, अधिवक्ताओंं की सुरक्षा एवं उनके कल्याण के लिये जो पूर्व में अभ्यावेदन देकर कई मर्तबा मांगे की गई, लेकिन सरकार द्धारा आज दिनांक तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अधिवक्तागण अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिये विवश है, जिस पर उक्त निर्णय लिया गया है। श्री त्रिवेदी ने बताया कि बीसीआई की मुख्य मांगों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिये सुविधायुक्त चेम्बर, ई-लाइब्रेरी, महिला अधिवक्ताओं की सुविधा के लिये यथोचित प्रसाधन, अधिवक्ताओं एवं उनके परिवार की इंश्योरेंस की सुविधा, पेंशन, 5 वर्ष तक स्टायफंड की सुविधा, बीमारी एवं मृत्यू उपरांत उनकी सहायता हेतु फण्ड उपलब्ध होने की मांग की गई थी, जिन्हें पूरा नहीं किया गया, जिस पर प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जिससे देशभर के करीब 20 लाख अधिवक्तागण आज मंगलवार को न्यायलयीन कार्य से विरत् रहेंगे।
मप्र सरकार को एक सप्ताह का समय, जुमलेबाजी बर्दाश्त नहीं-
                        स्टेयरिंग कमेटी के संयोजक व हाईकोर्ट बार एसोसियेशन के अध्यक्ष आदर्श मुनि त्रिवेदी व अधिवक्ता संजय वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि उक्त प्रतिवाद दिवस पर मप्र रा’य अधिवक्ता परिषद व हाईकोर्ट बार की मांगों को भी सम्मिलित किया गया है। श्री त्रिवेदी ने कहां कि तत्कालीन सरकार ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की बात की थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया, इसी तरह वर्तमान कांग्रेस सरकार ने भी वचनपत्र में दस दिनों में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने व नये अधिवक्ताओं को स्टायफंड दिये जाने की बात कहीं थी, लेकिन उस पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। श्री त्रिवेदी ने कहा कि हम सरकार को एक सप्ताह का समय देते है, वरना पूरे प्रदेश का अधिवक्तागण विरोध प्रदर्शन करेगा, अधिवक्ताओं के साथ सरकार की जुमलेबाजी अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
प्रोटेस्ट रैली निकालकर सौपेंगे ज्ञापन-
                    श्री त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज मंगलवार 12 फरवरी को मप्र हाईकोर्ट बार एसोसियेशन व स्टेट स्टीयरिंग कमेटी के तत्वावधान में मध्यान्ह 1 बजे सिल्बर जुबली हाल में एकत्रित होकर प्रोटेस्ट रैली के माध्यम से कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। पत्रवार्ता में हाईकोर्ट बार एसोसियेशन के अमित जैन, सीएम तिवारी, आशीष, असीम त्रिवेदी व प्रशांत अवस्थी उपस्थित थे।
अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता छीनने का भी होगा विरोध-
                      श्री त्रिवेदी ने मप्र उच्च न्यायालय द्धारा अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 34 (1) के तहत हड़ताल व न्यायिक कार्य से विरत् रहने पर एसोसियेशन के पदाधिकारियों पर प्रथम बार में एक माह, दूसरी मर्तबा दो माह व तीसरे मर्तबा तीन माह के लिये प्रदेश के किसी भी न्यायालय में वंचित होने से रोकने का प्रावधान है, इसके लिये चीफ जस्टिस की अनुमति लेना आवश्यक है। जबकि मद्रास हाईकोर्ट के इसी तरह के नियमों को सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। इस संबंध में चीफ जस्टिस से मुलाकात की गई है, जिस पर उन्होने इस विचार करने की बात कहीं है। उक्त मांग को भी प्रतिवाद दिवस में सम्मिलित किया गया है।

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