राजनीति से प्रेरित होकर निरस्त नहीं कर सकते नियुक्तियां, जवाब पेश करने मिली मोहलत 

सिद्धार्थ पाण्डेय
 जबलपुर ११ फरवरी ;अभी तक;  प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही जिला व सत्र न्यायालय में पदस्थ लोक अभियोजक व अतिरिक्त लोक अभियोजक की नियुक्ति निरस्त किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदकों की तरफ से जवाब पेश करने समय दिये जाने का आग्रह किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एस के सेठ व जस्टिस व्ही के शुक्ला की युगलपीठ ने एक सप्ताह का समय प्रदान करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 20 फरवरी को निर्धारित की है।
                     लोक अभियोजक अशोक कुमार पटेल तथा एक दर्जन अतिरिक्त लोक अभियोजक की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि उन्हें एक वर्ष के लिए नियुक्ति किया गया था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया,जबकि उन्हें तीन माह पूर्व ही नियुक्ति प्रदान की गयी थी। उनकी नियुक्ति राजनीति से प्रेरित होकर निरस्त की गयी है। याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता विपिन यादव ने सर्वोच्च न्यायालय व पंजाब हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया था कि राजनीति से प्रेरित होकर नियुक्तियां निरस्त किया जाना अवैधानिक है। याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदकों की तरफ से जवाब पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। याचिका में प्रदेश सरकार सहित जिला एव सत्र न्यायाधिश जबलपुर,जिला दंडाधिकारी एव कलेक्टर को अनावेदक बनाया गया था।

About the author /


Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *