राफेल मामले की उच्च स्तरीय जांच हो : माकपा

नयी दिल्ली, 11 फरवरी ; माकपा ने लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में कथित गड़बड़ी के लगातार हो रहे नये ‘‘खुलासों’’ का हवाला देते हुये समूची खरीद प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। माकपा पोलित ब्यूरो ने सोमवार को कहा कि राफेल मामले में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से लगातार नये नये खुलासे हो रहे हैं। इनमें ताजा मामला राफेल की खरीद प्रक्रिया के प्रावधानों से भ्रष्टाचार रोधी प्रावधान हटाने और सौदे से जुड़ी बातचीत में समानांतर रूप से प्रधानमंत्री कार्यालय के शामिल होने का खुलासा होने से जुड़ा है।

पोलित ब्यूरो द्वारा जारी बयान के अनुसार पार्टी ने कहा कि इन खुलासों के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि खरीद प्रक्रिया से बैंक गारंटी के प्रावधान को प्रधानमंत्री कार्यालय के दखल पर ही हटाया गया। माकपा ने मोदी सरकार पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष भी इस मामले के पूरे तथ्य पेश नहीं करने का आरोप लगाते हुये कहा कि शीर्ष अदालत को इस मामले में दिये गये गये अपने पूर्व आदेश के संदर्भ में इस बात पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिये। पार्टी ने कहा कि इस सौदे पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट प्रतीक्षारत है लेकिन राफेल करार के समय तत्कालीन वित्त सचिव के मौजूदा सीएजी होने के कारण हितों का टकराव भी स्पष्ट दिख रहा है ऐसे में सीएजी की रिपोर्ट में गंभीर समझौते किये जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। माकपा ने इन दलीलों के साथ राफेल खरीद मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

About the author /


Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *