चम्बल के डाकुओं की कहानी पर बनी फिल्म पर ऐतराज

देवेश शर्मा
 मुरैना 11 फरवरी ;अभी तक; चम्बल के डाकुओं की कहानी पर बनी अभिषेक चौबे की फ़िल्म सोन चिड़िया के पोस्टरों को लेकर यहां  विबाद शुरू  हो गया है . लोगों का कहना है कि इस फ़िल्म के प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर जो वीडियो या स्टिल डाले गए है उनकी भाषा और थीम एक बार फिर चम्बल को विश्वब्यापी बदनामी देगी जबकि चम्बल में इस समय परमशान्ति है और मध्यप्रदेश सरकार चम्बल में पर्यटन को बढ़ावा देने की कई परियोजनाएं चला रही है जबकि फ़िल्म की थीम है अगर आपको अपनी सास को गोली मारनी हो ,कैमरा लुटबाना हो तो आप चम्बल में टूरिज्म के लिए आइए ।
                 चम्बल समरता मंच नामक संस्था के कर्ताधर्ता राकेश रुस्तम सिंह ने कहा है कि फ़िल्म बेचने के लिए चम्बल को बदनाम करने की इस मानसिकता के खिलाफ ग्वालियर उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल करके और राष्ट्रपति के नाम पर कलक्टर को एक ज्ञापन देकर इस फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग करेंगे ।
             पत्रकार उपेन्द्र गौतम ने कहा है कि चम्बल संभाग* की *वर्तमान* एवं *युवा पीढ़ी* के भविष्य सृजन हेतू *सोनचिरैया* नामक फ़िल्म के प्रचार में उपयोग किये गए *”चम्बल_टूरिज्म”* शब्द का उपयोग गाली, चोरी, डकैती, बंदूक की गोली आदि के लिए किया गया है। जबकि *चम्बल टूरिज्म डॉलफिन, घड़ियाल, पड़ावली, मितावली, बटेश्वर, शनिश्चरा, पहाड़गढ़ की लिपि छाछ आदि है। उन्होंने कहा कि  इस फ़िल्म के द्वारा हमारे क्षेत्र की *अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर* पर गलत छवि पेश की जा रही है जिससे हमारे पर्यटन पर तो गलत प्रभाव पड़ेगा . साथ मे हमारे व्यापार, बाहर पढ़ने वाले *युवाओं* पर भी असर होता है। इसलिए मुरैना जिले के सभी जिम्मेदार नागरिक एवं समस्त *पत्रकार* जन कल *कलेक्टर महोदया* को राष्ट्रपति के नाम *ज्ञापन* दिया है।

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