डाकू कहने वाले शिक्षक का मुख्यमंत्री ने किया निलंबन निरस्त 

सिद्धार्थ पाण्डेय

जबलपुर १२ जनवरी ;अभी तक;  शासकीय स्कूल में पदस्थ प्रधानाध्यापक ने एक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को डाकू कहने वाले शिक्षक को जिला कलेक्टर ने निलंबित कर दिया था। मुख्यमंत्री कमलनाथ में संज्ञान में प्रकरण के आने पर उन्हें शिक्षक का निलंबन निरस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ की यह दरियादली चर्चा का विषय बनी हुई है .
गौरतलब है कि एक  बैठक को संबोधित करते हुए  शासकीय कनिष्ठ बुनियादी माध्यमिक शाला राईट टाऊन के प्रधानाध्यापक मुकेश तिवारी ने कहा था कि पिछले 14 सालों के भाजपा शासनकाल में सेवा भारती प्रताडि़त हुई है। अब कांग्रेस की सरकार आ गयी है,जब अपने वालों ने परेशान किया तो गैरों से क्या उम्मीद कर सकते है। हमारे शिवराज …… है तो कमलनाथ डाकू है। उन्होने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि एक बच्ची के संबंध में कही है कि वह गूंगी-बहरी थी,मैनें ऐसा किया-वैसा किया।
सोशल मीडिया में 32 सेकेण्ड का वीडियों वायरल होने के बाद स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने प्रधानाध्यापक के कृत्य की शिकायत जिला कलेक्टर छबि भारद्वार से की थी। जिला कलेक्टर ने प्रधानाध्यापक के कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उपनियम 1,2,3 का उल्लंधन मानते हुए निलंबित करने के आदेश जारी किये है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम से सोशल मीडिया में वायरल हो रहे संदेश में कहा गया है कि मुझे अभी ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के जबलपुर में एक शासकीय स्कूल में पदस्थ एक प्राध्यापक नें मेरा नाम लेकर डाकू शब्द कहे जाने के विडीओ सामने आए है। जिला प्रशासन ने शिकायत मिलने पर उन्हें सिविल सेवा आचरण नियम के तहत निलंबित किया है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है , मेरा ऐसा मानना है और मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूँ। शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए उनका यह आचरण नियमो का उल्लंघन हो सकता है , इसलिये उन पर निलंबन की कार्यवाही की गयी है।
मेरा सोचना है कि  इन्होंने इस पद पर आने के लिये कितने वर्षों तक तपस्या , मेहनत की होगी। इनका पूरा परिवार इन पर आश्रित होगा। निलंबन की कार्यवाही से इन्हें परेशानियो से गुजऱना पढ़ सकता है।मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी से इन पर निलंबन की कार्यवाही की जाये , यह नियमो के हिसाब से सही हो सकता है लेकिन में व्यक्तिगत रूप से इन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। में नहीं चाहता हूँ कि इन पर कोई कार्यवाही हो। एक शिक्षक का काम होता है , समाज का नवनिर्माण करना।विद्यार्थीयो को अच्छी शिक्षा देना।उम्मीद करता हूँ कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर ध्यान देंगे। मैंने जिला प्रशासन को निर्देश दिये है कि इनका निलंबन अविलंब समाप्त किया जाये और कोई कार्यवाही ना की जाये।वह ख़ुद तय करे कि जो इन्होंने जनता की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री के लिये जो कहा है , क्या वह सही है
उन्होंने  यह भी कहा है कि पिछले 14 वर्षों में सेवा भारती को प्रताडि़त किया गया है।अपनो ने हमें परेशान किया।  मैं इतना विश्वास दिलाता हूँ कि हमें ग़ैर ना समझे।हम बदले की भावना से कोई भी कार्य नहीं करेंगे और ना ही अपनो की तरह आपको प्रताडि़त करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी डा्रॅ आर एम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिक्षक वर्ग का सम्मान रखा,इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हुॅ। शिक्षक को संयमित भाषा का उपयोग करना चाहिए और संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति को खिलाफ आपत्ति जनक भाषा का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानाध्यापक का निलंबन निरस्त किये जाने के संंंबंध में जिला कलेक्टर ने निर्देश जारी कर दिये है।
प्रधानाध्यापक मुकेश तिवारी ने निलंबन निरस्त करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वीडियों के साथ छेड़छाड की गयी है और मैंने मुख्यमंत्री का डाकू नहीं कहा है। जिनके माता-पिता नहीं रहते है सेवा भारती के गुरूकुल में ऐसे बच्चों को रखा जाता है। नवजात बच्चों के लिए मातृ छाया का संचालन किया जा रहा है। पिछले 14 वर्षो में सेवा भारती को ग्रांट रोकक,अनुमत्ति के लिए महिनों चक्कर टकवाते थे। मुझे मालूम था कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने वह मेरा निलंबन निरस्त कर देंगे।

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