प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला तो दर्ज करवाई बलात्कर की झूठी रिपोर्ट 

सिद्धार्थ पाण्डेय
 जबलपुर ६ दिसम्बर ;अभी तक;  पन्ना जिले के कालपुर ग्राम पंचायत के सरपंच ने एसटीएससी एक्ट तथा बलात्कार आरोप में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। सरपंच की तरफ से दायर अपील में कहा गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर महिला ने उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इतना ही नहीं महिला ने एफआईआर में घटना 54 दिन पहले की बताई है। हाईकोर्ट जस्टिस एम एफ अनवर ने अपील की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान कर दिया है।
                 सरपंच की तरफ से अग्रिम जमानत अपील में कहा गया था कि गांव में रहने वाली एक महिला ने उसके खिलाफ 8 सितम्बर को गननूर थाने में बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। महिला द्वारा दर्ज करवाई गयी एफआईआर में कहा गया है कि वह 16 जुलाई 2018 की शाम को शौच के लिए जा रही थी। तभी सरपंच उसे जबरजस्ती पकड़कर मैदान में ले गया और दुष्कृत्य किया। सरपंच ने आज सुबह घर आकर मुझे पति के सामने अपनी बीबी कहने लगा। पति ने इस संबंध में पूछा तो उसने 16 जुलाई के हुई घटना के संबंध में पति को बताया। जिसके बाद वह दोनों रिपोर्ट दर्ज करवाने आये है।
                   याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता शरद वर्मा ने बताया कि महिला का पति प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलवाने के लिए याचिकाकर्ता पर दबाव डाल रहा था। महिला के पति द्वारा लगातार सरपंच को धमकाया जा रहा था। जिसके कारण सरपंच ने 16 जुलाई को पंचायत में उसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। इस कारण से वह याचिककर्ता ने दुश्मनी रखता था। महिला ने घटना के 54 दिन बाद पुलिस में दर्ज करवाई। एकलपीठ ने केस डायरी  का अवलोकन करने पर पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को एसटीएससी एक्ट तथा बलात्कार के आरोप में अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया।

About the author /


Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *