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भारतीय सेना के दिवंगत नायक माटी पुत्र मनोज को दी गई ससम्मान अंतिम बिदाई,प्रशासन रहा नदारद

आनंद ताम्रकार
बालाघाट ५ दिसम्बर ;अभी तक; जम्मू-कश्मीर राज्य के लेह क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना की गरुड़ रेजीमेंट के नायक मनोज वरकड़े का गत 3 दिसंबर को अचानक सीने में दर्द उठने के बाद दुखद निधन हो गया है। दिवंगत नायक मनोज वरकड़े जिले के वारासिवनी के रहने वाले थे। मंगलवार देर रात सेना के जवानों की उपस्थिति में मनोज वरकड़े का पार्थिव शरीर ग्रह नगर वारासिवनी लाया गया।बुधवार सुबह वार्ड नं 5 स्थित घर से मनोज वरकड़े की अंतिम यात्रा निकली।तिरंगे में लिपटे माटी पुत्र मनोज वरकड़े का शव देखकर नगरवासी बेहद भाव विभोर दिखे।
भारतीय सेना के दिवंगत नायक माटी पुत्र मनोज को दी गई ससम्मान अंतिम बिदाई,प्रशासन रहा नदारद

भारतीय सेना के दिवंगत नायक माटी पुत्र मनोज को दी गई ससम्मान अंतिम बिदाई,प्रशासन रहा नदारद

अंतिम यात्रा में आगे  जबलपुर से आए सेना के जवान कदमताल करते हुए चलते रहे।वही मनोज वरकड़े अमर रहे,भारत माता की जय के नारों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान रहा।नगर के जयस्तंभ चौक नेहरू चौक होते हुए अंतिम यात्रा गोलीबार चौक पहुंची।जहां से अंतिम यात्रा कटंगी रोड स्थित मोक्षधाम पहुंची।शहीद मनोज की अंतिम यात्रा में सासंद बोधसिंह भगत,विधायक डॉ योगेंद्र निर्मल,पूर्व विधायक प्रदीप जायसवाल,नगर पालिका अध्यक्ष विवेक पटेल,सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

                  स्थानीय मोक्षधाम में सेना के जवानों द्वारा लेह से आए नायब सूबेदार लक्ष्मीकांत शर्मा की मौजूदगी में शहीद मनोज वरकड़े को अंतिम सलामी देते हुए गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।जिसके बाद सासंद बोधसिंह भगत,एनसीसी जूनियर आफिसर द्वारा पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।शहीद मनोज के बड़े भाई तरुण वरकड़े ने मुखाग्नि दी।
                   लेह में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए गरुड़ रेजीमेंट के नायक मनोज वरकड़े की अंतिम यात्रा में न तो जिला प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी शामिल हुआ बल्कि स्थानीय प्रशासन भी यहां नदारद ही रहा। दुखद बात यह रही कि स्थानीय एसडीएम तहसीलदार और तो और पुलिस विभाग की ओर से भी कोई जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी शहीद को श्रद्धांजलि देने नही पहुंचा।जिससे स्थानीय लोगो में बेहद नाराजगी दिखाई दी।
                   जानकारी अनुसार लगभग 36 वर्षीय मनोज पिछले 17 वर्षों से गरुड़ रेजीमेंट में कार्यरत रहे।लेह से आए नायब सूबेदार लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि तीन माह पूर्व ही दिवंगत नायक मनोज वरकड़े की पोस्टिंग लेह क्षेत्र में की गई थी।3 दिसंबर को अचानक सीने में दर्द होने के बाद मनोज ने अपनी अंतिम सांसे ली।बताया जा रहा है मनोज भारतीय सेना द्वारा देश के बाहर किए गए शांति प्रयासों में साउथ अफ्रीका में भी अपनी सेवाए दे चुके थे।वे दिवाली की छुट्टियों में अपने घर वारासिवनी आए थे।बताया जा रहा है कि देश की सुरक्षा के लिए लेह में तैनाती के दौरान शून्य डिग्री से भी न्यूनतम तापमान में रहते हुए अचानक सीने में दर्द हो जाने से 3 दिसंबर की सुबह मनोज ने अपनी अंतिम सांसे ली।

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