बताओं भू-माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की, भोपाल में भेल परिसर में करीब दो सौ एकड़ जमीन पर कब्जा करने संबंधी मामला

सिद्धार्थ पाण्डेय
 जबलपुर ५ दिसम्बर ;अभी तक;  भारत हैवी इलेक्ट्रानिक लिमिटेड (भेल) भोपाल में करीब दो सौ एकड़ की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाने वाले मामले को हाईकोर्ट ने कॉफी सख्ती से लिया। चीफ जस्टिस एसके सेठ व जस्टिस व्हीके शुक्ला की युगलपीठ ने मामले में रा’य सरकार व भेल प्रशासन से पूछा है कि उन्होने उक्त मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है, इसके लिये न्यायालय ने चार सप्ताह की मोहलत प्रदान की है, हालांकि विस्तृत आदेश की फिलहाल प्रतीक्षा है।
                       भोपाल की कस्तूरबा भेल व्यापारी समिति के प्रेसीडेंट चिमनलाल आर्या की तरफ से दायर याचिका में  कहा गया है कि भारत हैवी इलेक्ट्रानिक लिमिटेड (भेल) भोपाल को वर्ष 1956 में उद्योग स्थापित करने के लिये करीब दो हजार एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। आरोप है कि इसके बाद वहां के कर्मियों व अधिकारियों ने भू-माफियाओं से सांठगांठ कर करीब दो सौ एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर कालोनियों का निर्माण कर लिया है। इतना ही नहीं कई छोटे-मोट उद्योग अवैध रूप से स्थापित कर लिये गये है। मामले में केन्द्र सरकार के हैवी इंडस्ट्री उद्योग विभाग के सचिव, रा’य शासन के प्रमुख सचिव, भारत हैवी इलेक्ट्रानिक लिमिटेड भोपाल, एक्’यूकेटिव डायरेक्टर भेल, एमडी टीएनसीपी व भोपाल संभागायुक्त को पक्षकार बनाया गया है। मामले में बुधवार को हुई सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिये मुलतवीं कर दी।

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