जेल में स्वास्थ्य शिविर तो लगाया, लेकिन पीड़ितों को उपचार नहीं मिला, याचिका में आरोप

सिद्धार्थ पाण्डेय
 जबलपुर ५ दिसम्बर ;अभी तक;  नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय कारागार में स्वास्थ्य शिविर लगाये जाने के बाद पीड़ितों को उचित उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। चीफ जस्टिस एसके सेठ व जस्टिस व्हीके शुक्ला की युगलपीठ ने उक्त मामले की सुनवाई महेश केमतानी की ओर से जेल में अव्यवस्थाओं को लेकर दायर मामले के साथ संयुक्त रूप से किये जाने के निर्देश दिये है।
                    यह मामला मदनमहल आमनपुर निवासी बृजेन्द्र सिंह चौधरी की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि मेडीकल कालेज की ओर से नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। जिसमें करीब 50 से 60 बंदी मोतियाबिंद के  पीड़ित पाये गये थे, लेकिन इसके बाद उनके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई और नहीं उन्हें किसी प्रकार का उपचार दिया जा रहा है। मामले में प्रमुख सचिव जेल, होम, स्वास्थ्य विभाग सहित डीजी व जेल अधीक्षक जबलपुर व मेडीकल कालेज के डीन को पक्षकार बनाया गया है। मामले में बुधवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई दौरान शासन की ओर से न्यायालय को बताया कि इससे पूर्व भी ऐसे मामले दायर किये गये है, जबकि पूर्व में ही सुकों द्धारा रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जा चुका है। न्यायालय ने उक्त मामले की सुनवाई भी पूर्व में दायर की गई याचिका के साथ संयुक्त रूप से किये जाने के निर्देश दिये है। मामले में रा’य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अमित सेठ हाजिर हुए।

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