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वन अफसरों को खूब छका रहा टाईगर, गांव में अभी तक आधा दर्जन बार दिखाई दे चुका है

मयंक भार्गव, बैतूल से
बैतूल ५ दिसम्बर ;अभी तक;  एसटीआर और वन विभाग के अफसरों को टाईगर खूब छकाने का काम कर रहा हैं। टाईगर को पकडऩे अथवा जंगल में खदेडऩे के लिए एसटीआर और वन महकमे का आमला जहां पिंजरे रख रहा है लेकिन अभी तक 6 बार दिखाई देने वाला टाईगर अफसरों की पहुंच से दूर है। इसे वन महकमे के खुफिया तंत्र का विफल होना ही कहा जाएगा कि दिखाई देने के बाद भी महकमा टाईगर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
भोपाल-पचमढ़ी से आया दल
                       विद्युत नगरी के आबादी क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे टाईगर के फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं बावजूद इसके भोपाल, पचमढ़ी और बैतूल के दल द्वारा टाईगर को ना तो पकडऩे में सफलता मिली है और ना ही खदेडऩे में। कुल मिलाकर सभी रस्म अदायगी करते हुए प्रतीत हो रहे हैं। सोमवार को चार अलग-अलग स्थानों पर बाग को पकडऩे के लिए पिंजरा रखा गया था। साथी पेड़ों में बकरा भी रखा गया था उसके बाद भी बाग इस पिंजरे में नहीं आया। हालांकि दल के माध्यम से हर स्तर पर बाग को पकडऩे का प्रयास किया गया लेकिन वन विभाग और पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई है।
कहीं बीमार तो नहीं है टाईगर
                       करीब एक माह से सारणी के आसपास के गांवों में टाईगर की मूव्हमेंट होने और बीते चार दिनों से विद्युत नगरी में टाईगर की मौजूदगी यह बताती है कि वह शारीरिक रूप से फिट नहीं है। इसके पीछे कई तर्क दिए जा रहे हैं मसलन टाईगर ने गाय को पंजा मारा लेकिन इसके बाद उसने गाय का शिकार किए बिना ही छोड़ दिया। वहीं जब से विद्युत नगरी में टाईगर की मौजूदगी सार्वजनिक हुई है उस दिनांक से आज तक टाईगर द्वारा किसी भी जानवर का शिकार करने की खबर भी नहीं आई है। हो सकता है कि टाईगर बीमार हो और वह भटकर आबादी क्षेत्र में पहुंच गया हो?
हाथी से होगी सर्चिंग लगाई धारा 144
                     अब टाईगर को किसी भी प्रकार की क्षति ना पहुंचे और उसके मूव्हमेंट का पता करने के लिए जहां धारा 144 लगा दी गई है वहीं राष्ट्रीय कान्हा उद्यान से हाथियों की भी मांग की गई है ताकि जंगली इलाकों में हाथियों पर बैठकर टाईगर की वास्तविक लोकेशन को पता किया जा सके। वन्य प्राणी विशेषज्ञों के मुताबिक गाय पर हमले के बावजूद उसका शिकार न करना बाघ का असामान्य व्यवहार दर्शाता है। टाईगर की लोकेशन पता करना  एसटीआर, वन अफसरों के लिए चुनौती बन गया है। क्योंकि ग्रामीण एक माह से टाईगर की मौजूदगी लोनिया, एबी टाईप, बाकुड़ मार्ग पर होना बता रहे हैं।
हो सकते हैं दो टाईगर
                    क्या सारणी में इस समय एक नहीं दो टाइगर है? इसका जवाब अफसरों के पास भी नहीं है। लेकिन वे इसकी संभावना से भी इंकार नहीं कर रहे है। लेकिन फिलहाल दो दिन से एक ही बाघ की मूवमेंट की जानकारी मिल रही है इसलिए इसे एक ही माना जा रहा है। लेकिन दो टाइगर की सम्भावनाओ से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। पावर प्लांट के मजदूरों द्वारा वायरल वीडियो में दो बाघ एक साथ देखे जाने की बात कही जा रही है। लेकिन अब तक ऐसा देखा नही जा सका है।
इनका कहना…
                   लोनिया के पास देखा गया बाघ यह नहीं था। हम उसका डेली मूवमेंट ले रहे थे। कोई नेगलिजेन्स नहीं है। आज पिंजरे लगाए गए है। सारी सम्भवनाओ पर काम किया जा रहा है। ट्रंकुलाइज करना आखिरी ऑप्शन है। यहां हाका पद्धति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। हो सकता है उससे वह वायलेंट हो जाये।
राखी नंदा, डीएफ ओ उत्तर वन मंडल, बैतूल
                   सतपुड़ा टाईगर रिजर्व एवं मेलघाट टाईगर रिजर्व का क्षेत्र आपस में जुड़ा हुआ है और सारणी में मौजूद शेर मेलघाट एरिया महाराष्ट्र की ओर से ही घूमते-घूमते बैतूल पहुंचा हैए जिसके पुख्ता सबूत भी एकत्रित किए गए है। रिहायशी क्षेत्र में मौजूद शेर को लेकर आम नागरिकों को सतत रूप से सचेत रहने के लिए लगातार मुनादी कराई जा रही है ताकि किसी नागरिक को नुकसान न पहुंच पाए। उन्होंने यह भी बताया कि शेर को बेहोश कर पकडऩे के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। यदि अनुमति मिलती है, तो यह प्रयास भी वन विभाग द्वारा किए जाएंगे।
पीएस चंपावत, मुख्य वन संरक्षक, बैतूल

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