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तीन दिन से शहर में घूम रहा टाइगर

मयंक भार्गव, बैतूल से
 बैतूल ४ दिसम्बर ;अभी तक;  बैतूल के सारणी शहर में तीन दिन से घूम रहे टाइगर ने वन विभाग से लेकर पुलिस और प्रशासन की नाक में दम कर दिया है। हालात यह है कि न तो वह पकड़ में आ रहा है और न जंगल की ओर जा रहा है। ऐसे में विभाग के तमाम तामझाम और प्रयासों के बावजूद विभाग के मैदानी अमले से लेकर आला अफ सरों की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर सवाल उठने लगे है। वही किये जा रहे प्रयासों को भी नाकाफी बताया जा रहा है। हॉलाकि अधिकारी इससे असहमति जता रहे है।
                    टाइगर मूवमेंट को लेकर अत्यंत संवेदनशील सारणी इलाके में बाघ की मूवमेंट बीते एक माह से है। ग्रामीणों ने वन अफसरों को लगभग एक माह पहले सारणी से दस किलोमीटर दूर लोनिया, राजेगांव खापा के पास बाघ होने की सूचना दी थी। जबकि पांच दिन पहले बाकुड़ मार्ग पर मंदिर के करीब एक महिला ने बाघ देखने की बात कई लोगो को बताई थी। अब बीते तीन दिन से बाघ बांध के पास देखा जा रहा है। जबकि एबी टाइप कालोनी के करीब दो दिन से उसका मूवमेंट है। सवाल यही है कि शहर तक आ पहुंचे बाघ की कानोकान खबर विभाग तक कैसे नहीं पहुची। वह लोगो की सूचनाओं को महज अफ वाह क्यों मानते रहा?
                  सारणी के जंगल से सटे होने या यूं कहिए सारणी शहर  का जंगल में ही होने को गंभीरता से लेते हुए और इसके टाइगर रिजर्व और इसके कॉरिडोर से संबंद्ध होने के बावजूद अतिरिक्त सतर्कता क्यों नही बरती गई? सारणी के वाशिन्दों को खतरे में धकेलने की जिम्मेदारी किसकी है। जबकि अब विभाग ड्रोन से लेकर फ र्राटा भरती गाडिय़ां दौड़ा रहा है। कैमरे लगवाए जा रहे है, पिंजरे रखे जा रहे है और खुराक बांधी जा रही है। ऐसे में जबकि वह गाय को घायल तो कर चुका है लेकिन उसका शिकार नहीं कर सका।
                  उत्तर वनमंडल की डीएफओ राखी नंदा ने बताया कि लोनिया के पास देखा गया बाघ यह नहीं था। हम उसका डेली मूवमेंट ले रहे थे। कोई नेगलिजेन्स नहीं है। आज पिंजरे लगाए गए हैं। सारी सम्भवनाओं पर काम किया जा रहा है। ट्रंकुलाइज करना आखिरी ऑप्शन है। यहां हाका पद्धति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। हो सकता है उससे वह वायलेंट हो जाये।
महाराष्ट्र से आया बाघ
                 इस मामले को लेकर मुख्य वन संरक्षक पीएस चंपावत ने बताया कि सतपुड़ा टाईगर रिजर्व एवं मेलघाट टाईगर रिजर्व का क्षेत्र आपस में जुड़ा हुआ है और सारणी में मौजूद शेर मेलघाट एरिया महाराष्ट्र की ओर से ही घूमते-घूमते बैतूल पहुंचा है, जिसके पुख्ता सबूत भी एकत्रित किए गए है। रिहायशी क्षेत्र में मौजूद शेर को लेकर आम नागरिकों को सतत रूप से सचेत रहने के लिए लगातार मुनादी कराई जा रही है ताकि किसी नागरिक को नुकसान न पहुंच पाए। उन्होंने यह भी बताया कि शेर को बेहोश कर पकडऩे के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। यदि अनुमति मिलती है तो यह प्रयास भी वन विभाग द्वारा किए जाएंगे।
सोमवार रात फिर दिखा टाईगर
सारणी क्षेत्र में शेर की मौजूदगी को लेकर मुख्य वन संरक्षक पीएस चंपावत ने बताया कि शनिवार से मंगलवार तक लगभग 6 बार टाईगर को देखा जा चुका है और वन विभाग के कैमरों में इसकी तस्वीर भी कैद हुई है। सोमवार रात सर्चिंग कर रहे दल को एबी टाइप कॉलोनी की सड़क पर पुनरू टाईगर दिखाई दिया और अधिकारियों ने बकायदा उसकी लोकेशन को ट्रेस करते हुए वीडियो भी बनाया है और कोशिशे की जा रही है कि आमजन और वन्य प्राणी दोनों को ही सुरक्षित रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन कराया जाएगाए जिसके लिए पचमढ़ी से भी स्पेशल टीम बुलाई जा रही है।

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