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मण्डला में हो रहे श्रमशक्ति के पलायन प्रदेस की सीमा पार पर जिले के जनप्रतिनिधियों ने ये कहा

सलिल राय
मंडला ३ दिसम्बर ;अभी तक; मध्यप्रदेश  के आदिवासी बाहुल्यता के जिला मण्डला में मतदान प्रक्रिया के बाद से जिले हो रहे श्रमशक्ति  से उदरपोषण करने वाले मजदूरों द्वारा रोजगार पाने के लिए स्थानीय स्तर में काम न मिलने जिले से मजदूरों का काम की तलाश में अपने घर द्वार का मोह त्याग पलायन की तस्वीरे क्या कहती ये देखने वाले बस यही कहते हैं ऐसा पलायन पहले कभी नही देखा मजदूरी करके  जीवनयापन करने वाले मजदूरों के परिवार और हर उम्र दराज के पलायनकर्ता मजदूर कहते बसों में जाते कहते हैं की काम नही मिलने के कारण और खेतों में सूखे की स्थिति के चलते उन्हें जाना पड़ रहा हैं।  मजदूरों का कहना है कि वे रोजगार के अभाव को बताते हुये काम की तलाश में में जा रहे है । मण्डला बस स्टैंड और जिले के मुख्य मार्गो से मजदूर तबक़ाअपनी आवश्यकताओं के सीमित सामग्री को लेकर पलायन करते  देखे जा रहे हैं, दिखती भीड़ मेला जैसी स्थिति से देखने वालों को हैरत में डाल रही हैं तो जिले के जनप्रतिनिधियों को इस स्थिति परिस्थितियों को लेकर ज्यादातर जिम्मेदारिता की पहचान बनाये लोगो को इसकी जानकारी का अभाव पूछ ताछ में अनभिज्ञ के जबाब मिल रहे है।
मण्डला में हो रहे श्रमशक्ति के पलायन प्रदेस की सीमा पार पर जिले के जनप्रतिनिधियों ने ये कहा

मण्डला में हो रहे श्रमशक्ति के पलायन प्रदेस की सीमा पार पर जिले के जनप्रतिनिधियों ने ये कहा

चुनाव की व्यस्तता के बाद आज मण्डला विधानसभा के कांग्रेस के विधायक और हाल ही मे सम्पन्न चुनाव में पुनः कांग्रेस के मण्डला विधानसभा के उम्मीदवार संजीव उइके ने मण्डला में हो रहे मजदूरों के पलायन में यू कहा मण्डला में योजनाओ पर बिचौलिया हावी है। पलायन का मुख्यकारण जीवन का संघर्ष और जीवन और जीने की उम्मीद पलायन का कारण हैं, जिले में रोजगार की कमी और मनरेगा जैसी योजना का बन्द जैसे संचालन के साथ इस योजना में मजदूरी के बाद लम्बे समय तक भुगतान न होने से मजदूर मजबूर है पलायन के लिए। यही नही उइके ने कहा एक रुपये मूल्य का आनाज वितरण बिचौलियों के कब्जे में है।

                     मण्डला के तेजतर्रार जननेता डॉ शिवराज शाह शिवा भैया से मजदूरों के बड़ी संख्या में पलायन के सन्दर्भ में पूछा गया तो वे मण्डला से बाहर प्रवास में होने के बाद भी कहा में अभी जिला के अधिकारी से पलायन के बारे मे पूछता हूं।
                   इधर मण्डला लोकसभा सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते  से दुरभाष में जब जिले भर से जनजाति समाज की बहुसंख्यक श्रमशक्ति रूपी मजदूर पलायन कर रहे तो सांसद कुलस्ते ने बस इतना कहा पलायन रोकेंगे ।
                   इधर भाजपा के जिलाध्यक्ष रतन ठाकुर हो रहे बेहिसाब मजदूर पलायन के बारे में न मालूम के साथ कहा जिले में मजदूर के पलायन में मजदूरी अन्य जगह राशी अधिक मिलने के कारण मण्डला जिले से पलायन हो सकता है
                   अजब गजब की दास्तां यह है कि मण्डला जिले में दसको बाद मजदूरों के पलायन की जो तस्वीरे यात्री वाहनों से मध्यप्रदेस राज्य की सीमा पार करने जा रहे है ये मजदूरों में गोंड़ जनजाति प्रदेश की विशेष जनजाति बैगा समाज के जन बच्चों सहित रोजगार की तलाश में जाने वाले कहा जा रहे क्यो जा रहे हैं।इसकी खैर खबर लेने वाला लगता हैं कोई नही है।
                 पलायन कर चुके सुंदर लाल बैगा और रमखिरिया गांव के मजदूर नान दास और इनके साथ दर्जनभर ग्रामीण कहते काम ही नहीं मिल रहा तो घर गृहस्ती का कैसे उदरपोषण करेंगे ।
              इधर मजदूरों को नागपुर की तरफ जाने वाली यात्री वाहनों में सीमित सवारी से दो गुनी यात्री संख्या को सम्बंधित विभाग भी उदासीनता का परिचायक साबित हो रहा है।

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