ग्रामीणों से चर्चा कर एसडीएम ने जारी किया बयान, किसान की मौत पारिवारिक विवाद से व्यथित होकर: सजातीय ने कहा बेतुका।

मयंक शर्मा
 खंडवा २ जून ;अभी तक;  प्रशासन ने किसानजयपाल पिता हरेेन्द्र द्वारा कर्ज के बोझ तले जहर खाकर खुदकुशी करने के मामले में को  पारिवारिक विवाद की बुनियाद का बताया है। मृतक  के छोटे पुत्र नीतू  सिंह को  जमीन खोट पर दिये  जाने को लेकर बडा बेटा नाखुस था। इससे व्यथित होकर मृतक ने खुदकुशी की है।
                     प्रशासन ने यह बात ग्रामीणो से चर्चा के आधार पर जारी विज्ञप्ति मे कही है जबकि बडा बेटा रितु सिह ने मीडिया को दिये बयान में साफ कहा कि कर्ज और फसल बिगडने से परेशान होकर  यह कदम उठाया है। बडा दोशी उद्विभाग संचाति करने वाले अधिकारी है  जिन्होने मे बोई गयी फसल के खेत तक पानी आने नही दिया जबकि थर्मल पावर को नहरो से पानी दिया जाता रहा। सिंचाई के अभाव में 10 एकड रकबे की गेंहू की फसल सूख गयी। कर्ज को लेकर सरकारी वैके जमीन नीलामी को नोटिस देती रही। इससे परेशान होकर पिता ने शनिवार को जहर पी  लिया और उनकी मौत हो गयी।
                   पुनासा एसडीण्म अरविंद चैहान ने परिवार पर कर्ज्र  होना तो जांच में माना है लेकिन  फसल बिगडने पर रोशनी डालने के स्थान पर हजम कर गये हे। मृतक ने पहले ढाई एकड जमीन खोट पर बडे बेटे को  दी थी लेकिन खोट का  पैसा नही मिलने पर इस साल छोटे  बेटे को देने  को लेकर उत्पन्न विवाद  के चलते जयपाल( पिता ) ने जहर चखा लिया। रितुसिंह के अनुसार परिवार की कुल 20 एकड जमीन है लेकिन उपज  18 एकड मेें ली जाती है। 2 एकड पडत है। अब प्रशासन द्वारा किसान की खुदकुशी पर पारिवारिक विवाद  की बुनियाद पर खडा करना सरकारी दस्तावेजो में चमक छोडता है लेकिन जातीय आधार पर रिश्तदारो के गले नहीं उतर रहा है। बडा बेटा ने कहा किक खेती घाटे का सौदा होते जाने के कारण उसने खेती छोड  क्षेत्र के सिंगाजी थमल पावर में  मजदूरी करना शुरू कर दिया था और छोटा भाई नीतूंसिह परिवार में माता पिता के साथ रहकर काम में हाथ बंटाता था।
ृ                      प्रशासन की जांच ग्रामीणों के बयान आधारित है जबकि परिजनों व विवाद के उभय पक्षो का मंतव्य लेकर सटीक स्पष्ठीकरण की जेहमत नहीं उठाई गयी है।

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