मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर जिला प्रशासन हाईअलर्ट  वोटर लिस्ट से डिलीट किये जायेंगे 33539 वोटर 

मयंक भार्गव, बैतूल से
 बैतूल २ जून ;अभी तक;  मप्र में हुए उपचुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के मामलों से सबक लेकर चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनाव में मद्देनजर मतदाता सूचियों की गहन जांच पड़ताल करने के निर्देश दिये है। चुनाव आयोग की सख्ती के चलते जिला प्रशासन के अफसर मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर हाई अलर्ट मोड में काम कर रहे है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक मिश्र के निर्देश पर जिले की पांचों विधानसभाओं के सभी 1556 मतदान केन्द्रों में तैनात बूथ लेबल ऑफिसरों ने अपने-अपने मतदान केन्द्रों का डोर टू डोर सर्वे कर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं दोहरी प्रविष्ठि वाले मतदाताओं को चिन्हित किया है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में उक्त चारों केटेगरी के 33 हजार 539 मतदाता चिन्हित हुए है। उक्त मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से विलोपित करने की कार्यवाही की जायेगी।
वोटर लिस्ट में मिले 10 हजार मृत मतदाता
                   उल्लेखनीय है कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक मिश्र के निर्देश पर जिले के 1556 मतदान केन्द्रों के बूथ लेवल ऑफिसरों द्वारा मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण के लिए डोर टू डोर घूमकर मतदान केन्द्रों से अनुपस्थित, स्थानांतरित मृत हो चुके एवं मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्ठि वाले मतदाताओं को चिन्हित किया था।
                 अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी मूलचंद वर्मा ने बताया कि बीएलओ द्वारा अपने-अपने मतदान केन्द्रों में डोर टू डोर किये गये सर्वे में जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, रिपीटेड श्रेणी के 33539 मतदाता चिन्हित किए गये है। जिनके नाम मतदाता सूची से विलोपित किए जायेंगे। बीएलओ द्वारा किये गये सर्वे में पाचों विधानसभा क्षेत्रों में 10 हजार 58 मृतक 223 अनुपस्थित, 21 हजार 674 स्थानांतरित एवं 1584 दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता चिन्हित हुए है। उक्त चारों केटगरी के सर्वाधिक 11 हजार 498 मतदाता आमला विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 3541 वोटर घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में मिले है।
नाम हटाने की प्रक्रिया की अफसर करेंगे पड़ताल
                   मतदाता सूची में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े पर सख्ती से रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग खासा गंभीर नजर आ रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वीडियो कांन्फ्रेसिंग में जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिये है कि बीएलओ द्वारा मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच पड़ताल अफसरों से करवाई जाये।
                    मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बैतूल शशांक मिश्र ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र आवंटित कर बीएलओ द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच 10 फीसदी मतदान केन्द्रों में 4 से 15 जून तक कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
                     कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर एवं उपनिर्वाचन अधिकारी बैतूल द्वारा मुलताई विधानसभा क्षेत्र में, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मुलताई द्वारा बैतूल विधानसभा क्षेत्र में, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बैतूल द्वारा आमला विधानसभा क्षेत्र में, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी घोड़ाडोंगरी द्वारा भैंसदेही विधानसभा में तथा निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भैंसदेही द्वारा घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच पड़ताल की जायेगी।
फोटो में गड़बड़ी मिली तो गिरेजी गाज
                    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बैतूल ने सभी बूथ लेवल ऑफिसरों को निर्देश दिये है कि मतदान केन्द्रों में डोर टू डोर सर्वे के दौरान मतदान केन्द्र की मतदाता सूची में अंकित सभी मतदाताओं के फोटो का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाये। जिला निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी है कि मतदाता सूची में यदि किसी मतदाता की फोटो ऋटि पूर्ण पायी जाती है है तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को निर्देशित किया है कि अनुपस्थित स्थानांतरित मृत एवं दोहरी प्रविष्ठि वाले मतदाताओं के नाम सत्यापन के पश्चात् निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए मतदाता सूची से हटाने की कार्यवाही की जाये।

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