केमिकल युक्‍त कॉफी और चाय अधिकारी बड़े शौक से पी रहे

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा

भिंड १५ फरवरी ;अभी तक; शहरों के आमतौर पर कोई भी व्‍यक्ति चाहे दुकान हो या घर सेवा की पहचान है . अतिथि के स्‍वागत सत्‍कार सिर्फ चाय शुरू से होता है। भिण्‍ड में तकरीबन 100 से अधिक चाय बनाकर दुकानों, ऑफिसों में पेय पदार्थ चाय कॉफी से होता है।

फूड विभाग के कर्मचारी ने बताया की शहर की सभी चाय की दुकान पर दूध  की पूर्ति तक नहीं हो रही है . जो दूध प्रात: शाम स्‍वयं डोलची लटकाकर 1 – 2 किमी तक महिला पुरूष सामने भैंसों से दुध निकालने समय ग्राहक मौजूद रह कर देखता है दूश शुद्ध है। परन्‍तु  उसमें भी दूध भैस  वाले बर्तन ग्राहक को खाली दिखा दूध भैस से दोह रहा है। परन्‍तु वह भी इस शुद्ध नहीं है क्‍योंकि इस दोहते वक्‍त कमर में पानी की थैली भरी  होती है इस दोहते वक्‍त आंखों से छुपाकर  भैस का दूध पास है तो लगभग 1 किग्रा से 500 ग्राम पानी मिला दूध लाकर कहते है कि भाव 50 रूपये जरूर है परन्‍तु सामने दूध दोहते वक्‍त क्‍या कलाकारी की जाती है वो भी आंखों  के सामने मिलावट कर देता है .

दूध दोहने वाले बताते हैं पशु का दुध बढ़ाने के लिये दवा खिलाकर पशु का दूध के कैमिकल पाउडर खिलाकर दूध की मात्रा अत्‍याधिक दवाईयां केमिस्‍टों  के यहां मिलती हैं। और डॉक्‍टर तब पशु का दूध बढ़ाने को टॉनिक, पाउडर पर्ची पर लिख देते हैं। जब सामने दूध दोहने वाला दूध मिलावटी दे सकता है फिर चाय वाले शहर के प्रसिद्ध चाय बनाकर बेचते वाले केमिकल युक्‍त व दवा यानि सेनेथेटीक दूध व शुद्ध से 10 किमी है तो 90 किग्रा सपरेटा दूध यानि डेयरी का दूध  घी निकला दूध तीनों को मिक्‍स + केमिकल + नशीला पदार्थ दूध के अफीम के डोडा की पोटली दूध में डालकर में वाहा कर 3 दालने से चाय वाले चाय पीने वाला एक बार चाय पी ली। तो उसे उसी चाय वाले की चाय ही पीने की लत जाती है। और चाय पीने वाला दिन में उसकी 2-4 चाय तो कम से कम पीना है क्‍योंकि घर की चाय अच्‍छी नहीं लगती।

इसी प्रकार शहर में गिने चुने 4-5 दुकान दार ऐसे हैं उनकी दुकानों पर बाहर सेकड़ों दो पहिया चार पहिया वाहन से चाय कॉफी पीने आते  हैं शहर में तीन  दुकान चाय की हैं दुकान घर को पैसे लेने वाले को अलग गल्‍ले पर बिठाकर ये प्रसिद्ध चाय  कॉफी दूध  की कम से कम 200-300 लीटर दूध से चाय कॉफी में  प्रतिदिन लगता है और चाय कॉफी पीना है लाइन लगाकर कॉफी चाय मिल पायेगी।

यही नहीं इन स्‍थानों पर शाम के वक्‍त टहलने के बहाने कॉफी, चाय जरूर पी कर जाते हैं प्रशसनिक व पुलिस, एवं व्‍यापारी विभाग के लोग कर्मचारी जबकी यह बात गुप्‍त रखने को कहा फिर क्‍या अधिकारी वर्ग जहां चाय पानी पी रहा हो। वहां फूड विभाग के अधिकारी कर्मचारी जानते हुए स्‍वयं मीठा जगह पी रहे  हैं और पील  रहे है। फूड विभाग उन स्‍थानों पर सेंपिल क्‍यों  नहीं लेता क्‍या  कारण है\

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