आदिवासी महोत्सव रामनगर में उपराष्ट्रपति करेंगे उदघाटन, मण्डला के सर्व आदिवासी समाज आयोजन के बहिष्कार के पक्ष में

सलिल राय

मंडला १४ फरवरी ;अभी तक; मध्यप्रदेश के जनजाति बाहुल्यता की पहचान लिये मण्डला जिले के रामनगर में 15 और 16 फरवरी को आदिवासी महोउत्सव के आयोजन को लेकर जहां तैयारी हो रही थी इस बीच जिले के विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों ने आदिवासी महोउत्सव को लेकर बहिष्कार का बिगुल फूंक दिया हैं। इस आयोजन की अगुवाई जिले के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते कर रहे है, वही जिला प्रशासन पूरी तन्यमयता से आयोजन की तैयारी में जुटा हैं, इस आयोजन का उदघाटन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करने जा रहे वही केन्द्र काबीना के मंत्री में  रेणुका सिंह जनजाति ,पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल के आलावा और भी हस्तियां यहाँ 15 फरवरी को वायुमार्ग से पहुचने की जानकारी हैं।

आदिवासी महोउत्सव रामनगर में उपराष्ट्रपति करेंगे उदघाटन मण्डला के सर्व आदिवासी समाज आयोजन के बहिष्कार के पक्ष में
आदिवासी महोउत्सव रामनगर में उपराष्ट्रपति करेंगे उदघाटन मण्डला के सर्व आदिवासी समाज आयोजन के बहिष्कार के पक्ष में

आदिवासी महोउत्सव का नाम  इसके पूर्व आदिउत्सव के नाम से साल 2015 और 2018 में किया गया था इस बीच रामनगर के मंच से करोड़ो रूपये की घोषणए की गई यह समयकाल था शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री का इस बीच केंद्रीय मंत्री और शिवराज सिंह ने आदिवासी समाज की लोक सम्पदा और गोंडवाना साम्राज्य की वैभवशाली धरोहर के साथ आदिवासी समाज की संस्कृति को सहेजने के लिए घोषणा करते हुऐ करोड़ो रूपये देने के वादे किये पर आज तक उन घोषणाओ की शक्ल सूरत लपता के साथ जमीनी परिद्रष्टा ओझल होने की स्थितियों को लेकर मण्डला जिले सर्व आदिवासी सामाजिक संगठनों ने हाल ही के बीते दिनों में कई गई कोई भी घोषणा पूरी नही किये जाने को लेकर 15 और 16 फरवरी को आदिवासी महोउत्सव के बहिष्कार का सामाजिक संगठनों के साथ ऐलान कर दिया ।

  आदिवासी महोउत्सव को लेकर मण्डला जिले दो विधायक नारायण सिंह पट्टा और तेजतर्राट निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले सहित आदिवासी महापंचायत के साथ जिले के अनेक सामाजिक संगठनों ने आदिवासी महोउत्सव के बहिष्कार के ऐलान के साथ मण्डला में रैली निकालकर आदिउत्सव में की गई घोषणाओ को आदिवासी समाज के साथ छलावा कहकर मण्डला कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया को ज्ञापन दिया ये ज्ञापन महामहिम उपराष्ट्रपति और मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम था,

ज्ञापन में साफतौर यह लिखा गया कि पिछले आदिउत्सव में केंद्रीय मंत्री और तत्कालीन मुख्यमंत्री बर्ष 2015 और 2018 में भारी भरकम आदिवासी हितार्थ आदिवासी समाज संस्कृति जो घोषणाए की गई जिसमें तत्कालीन जनजाति मंत्री जुएल ओराम द्वारा 4 करोड़ की लागत से जनजातीय संग्रहालय बनेगा, ग्राम चौगान में आदिवासी सामुदायिक भवन बनेगा वही पूर्व मुख्यमंत्री  चौहान द्वारा सड़क निर्माण के लिए रामनगर से काला पहाड के लिए 1 करोड़ 22 लाख की घोषणा की गई साथ ही गोंड समाज की सबसे बड़ी शक्तिपीठ के लिए 65 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा के साथ ही गोंडी टुरिज्म सर्किल आदि निर्माण की घोषणाओं किये जाने के बाद कुछ भी नही हुआ इस स्थिति परिस्थितियों के देखते आदिवासी महोउत्सव बहिष्कार का निर्णय आदिवासी महापंचायत एवं सर्व आदिवासी समाज मण्डला के बैनर तले आदिवासी महोउत्सव के बहिष्कार का कारण मानते विधायक अशोक मर्सकोले ने आदिवासी महोउत्सव के बैनर होडिंग और प्रचार में अपनी फोटो और नाम हटाने को लेकर कलेक्टर मण्डला को बकायदा पत्र दिया इसी तरह का पत्र विधायक नरायण सिंह पट्टा ने दिया जिसके बाद मण्डला लगे होडिंग बैनरों में इसका तत्काल असर देखने को मिला है।

आदिवासी महोउत्सव के बहिष्कार के अनुकरण में चौगान मढिया के सुदेश परते ने भी समाज के सभी लोगो से इस आयोजन के बहिष्कार का फरमान सुना दिया है
डॉ अशोक मर्सकोले ने अपने बयान में कहा कि इस आयोजन में जो वर्तमान प्रदेश सरकार के मंत्री ओहदेदार इसमें शरीक होंगे उसे आदिवासी समाज विरोध करेगा ।

मण्डला में जिस तरह से इस आदिवासी महोउत्सव का आदिवासी समाज विरोध कर रहा उसको लेकर मण्डला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते का कहना आदिवासी महोउत्सव होगा इसे कोई नही रोक सकता हमने सभी को आमंत्रित किया हैं।

आदिवासी  महोउत्सव  लेकर आज  भाजपा के मीडिया प्रभारी सुधीर कसार ने ये प्रेस नोट जारी किया।

– देश के महामहिम उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू रामनगर में आदिवासी महोत्सव का शुभारंभ 15 फरवरी को प्रातः 11.00 बजे करेंगे। इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृति पर्यटन मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री  फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय जनजातीय राज्य मंत्री  रेणुका सिंह, मिजोरम के उप मुख्यमंत्री  जिष्णुदेव वर्मा राजा, राज्य सभा सांसद  सम्पतिया उइके, विधायक  देवसिंह सैयाम, विधायक  राकेश पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मण्डला   सरस्वती मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष डिण्डौरी  ज्योतिप्रकाश धुर्वे उपस्थित रहेंगे। महामहिम उपराष्ट्रपति श्री नायडू के चैगान स्थित हेलीपेड में आगमन पर अगवानी होगी, तत्पश्चात मोतीमहल स्थित राजवंश के स्तंभ में पुष्प अर्पित कर आदिवासी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ कर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करेंगे।

मण्डला सांसद केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री  फग्गन सिंह कुलस्ते ने बताया कि गोंडवाना राज्यवंश कालीन ऐताहासिक स्थल रामनगर में परंपरा अनुसार आदिवासी महोत्सव का दो दिवसीय भव्य आयोजन 15 फरवरी को प्रारम्भ होगा। यहाॅं आयोजित होने वाले महोत्सव में हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, तत्कालीन मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय जनजाति मंत्री  जे.एल. उरांव सहित आदिवासी समाज के नेतृत्व करने वाले देश भर के अनेक वरिष्ठ समाज सेवी आयोजनों में अपनी उपस्थिति प्रदान किये है। श्री कुलस्ते ने बताया कि आदिकाल से आज तक जनजाति समाज का इतिहास और परम्परा वैसे ही अविरल है, जैसे रामनगर के किनारे कल-कल करती माॅं नर्मदा, साथ ही माॅं नर्मदा इस बात की साक्षी है कि गौंड़ राजाओं की राजधानी ऐताहासिक एवं पुरातात्विक रूप कितना समृद्व रहा है। रामनगर के मोतीमहल, रानीमहल, आस्था का केन्द्र चैगान के ऐतेहासिक महत्व को पूरा देश परिचित हो सके साथ ही महोत्सव में जनजातीय संस्कृति, लोक नृत्य, लोक संगीत, जनजातीय कला, को आमजनता करीब से देख सके, और उसके पुरातन इतिहास को समझ सके इसके लिए इस तरह के आयोजन के शुरूआत हमारे द्वारा की गई, पूर्व में मोतीमहल व अन्य पुरातन स्थल का विकास किया गया है, आने वाले समय में रामनगर को विशेष पर्यटन  स्थल के रूप में विकसित करने हमारी प्रतिबद्वता है। श्री कुलस्ते ने आगृह किया कि आदिवासी महोत्सव में सर्व समाज उपस्थित होकर इस आयोजन को भव्यता प्रदान करें ।

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