एक वर्ष में खनिज परिवहन से 50 से 75 फीसदी उड़ती धूल से तकरीबन 5400 लोग सांस की बीमारी से पीडि़त

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा

भिंड १४ फरवरी ;अभी तक; भिण्‍ड जिला मुख्‍यालय से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर गोहद कस्‍बे तहसील के अन्‍तर्गत भिण्‍ड ग्‍वालियर हाइवे के किनारे पत्‍थर खदाने व क्रेसर हैं और यहां प्रति दिन गिट्टी मुरम, रेत पत्‍थर का खनन खनिज परिवहन से पहाड़ो में खुदाई कर पत्‍थर निकाला जाता है। और ओवटर लोड परिवहन जन संचारण के लिये जान लेवा बन गया है।

गोहद क्षेत्र में स्‍टेट  व नेशनल हाइवे से  गुजरते ट्रक डम्‍फर से कुचल कर एक वर्ष 2019 में 65 लोग अपनी जान  गवा चुके हैं और ओवर लोड वाहनों से उठने वाली धूल से 80,000  लोगों में से अधिक आबादी वाले नगर  में लगभग 5500 लोग दमा रोग के शिकार हो गये  हैं। बेकाबू होते हाल तो पर तत्‍काल  अंकुश लगाने के लिये जिला प्रशासन इस  मामले को गम्‍भीरता से नहीं ले रहा  है आगे आने वाले दिनों में यही हालात रहे जो वर्तमान में चल रहा हैं। इसके प्रमाण ही नहीं गम्‍भीर परिणाम उठाते हुए जबाव तक नहीं देने लायक रहेगा, चलो राजनैता तो पांच साल  बाद चुनाव के दौरान देखेंगे। परन्‍तु शासन, प्रशासन जन प्रतिनिधियों, को इनके बारे में मालूम नहीं हो। परन्‍तु धन एकत्रित व भी  जो जनता की ही वजह से आप की शान, व सिर  पर ताप रखने वालों को बलाए ताक पर रख रहे हैं। अगर कोई 4-5 लोग  इस मामले  में न्‍यायालय, न्‍यायप‍ालिका की शरण में पहुंच  गया। जिला प्रशासन, राजनेता, या अन्‍य साधारण नागरिक ने इस को लेकर अर्जी लगा दी तो मामला बहुत बड़ जायेगा।

इधर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग भी महत्‍वपूर्ण भूमिका बनती हैं। परन्‍तु वह भी आराम से पैर पसारे सो रहा  है। और तो और डॉ. स्‍वयं मरीजों व स्‍वास्‍थ्‍य लोगों को युवा से लेकर बुजुर्ग तक को सलाह देते हैं  कि प्रात: 4-5 किमी पैदल प्रात: जरूर चले। परन्‍तु मॉरनिंग वॉक करने वाला बुजुर्ग व्‍यक्ति 2 साल  की  जगह  2 महीने में निबट जायेगा। मॉरनिंग वॉक गये  तो इस क्षेत्र में लोगों का हालात और बुरे हो जावेंगे। उक्‍त वायु प्रदूषण के कारण।

ऐसा ग्राउण्‍ड रिपौट पर लोगों ने चर्चा में अभीतक के डॉ. रवि शर्मा पत्रकार को बताया गोहद चौराहा अन्‍तर्गत नेशनल हाइवे 92 ग्‍वालियर भिण्‍ड मार्ग पर फरवरी 2019 से फरवरी 2020 आज तक रिकार्ड के अनुसार मात्र 365 दिनों (एक वर्ष) तकरीबन 38 लोगों की तेज रफ्तार ट्रकों, डम्‍फरों से अन्‍य ग्रामीण मार्गो पर 25 लोगों  की कुचल कर मौत हो चुकी है गोहद व गोहद चौराह थानों के अन्‍तर्गत संचालित गिट्टी, पत्‍थर, मुरम, (पत्‍थर के बारिक टुकड़े) पत्‍थर की खदाने के अलावा दतिया, ग्‍वालियर, भिण्‍ड के लहार, मेहगांव में आदि  क्षेत्रों से ओवर लोड, ट्रक, डम्‍फर, रेत से भरे  ओवर लोड ट्रक धूल मिट्टी के गुवार उठाते 24 घण्‍टे रहे हैं।

सड़क पर पैदल साइकिल या मोटर साइकलों पर स्‍थानीय नागरिक गुजरते समय डर रहता है सांस, दमा की बीमारी के शिकार ने बन जाए।

आंकड़े

80 हजार से अधिक गोहद की संख्‍या  

8 फीसदी सांस के  रोगी

5000 के करीब लोग दमा रोगी से ग्रसित

65 लोगों  ने एक वर्ष में सड़क हादसे में गई जाने

धूल से बड़ रहे लोग खनिज  परिवहन से लिप्‍त वाहन से उड़ने वाली धूल से दमा रोगियों की दिन प्रतिदिन संख्‍या बढ़ रही है। वहीं सड़क दुर्घटना 40 से ज्‍यादा शव गोहद के पीएम हाउस में  लाये गये 25 घायल अवस्‍था  में ग्‍वा० में दम तोड़ चुके हैं। डॉ. आलोक शर्मा (बी.एम.ओ) गोहद सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र गोहद अभीतक संवाददाता से बातचीत के दौरान कही।

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