पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 4.94 करोड़ की वसूली पर रोक

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर ४ दिसंबर ;अभी तक;  मप्र हाईकोर्ट से रीवा के विधायक तथा पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने रीवा नगर निगम आयुक्त द्धारा 4.94 करोड़ की वसूली को लेकर जारी नोटिस पर अपने अंतरिम आदेश से रोक लगा दी है। एकलपीठ ने मामले में अनावेदकों को जवाब पेश करने के लिये समय प्रदान करते हुए उक्त निर्देश दिये है।

यह याचिका पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की ओर से दायर किया गया है। जिसमें नगर निगम रीवा के आयुक्त एस यादव द्वारा विगत 26 सितंबर को जारी नोटिस को चुनौती दी गई है। आयुक्त द्वारा जारी नोटिस में कहा गया था कि 2013 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान रानी तालाब एवं चूना भऋा के विस्थापितों को राजेंद्र शुक्ला ने मुफ्त आवास देने का आश्वासन दिया था। इसको लेकर विधायक श्री शुक्ला द्वारा लिखित रुप से पम्पलेट भी जारी किए गए थे। उसमें यह भी स्पष्ट रुप से घोषित किया गया था कि रानी तालाब एवं चूना भट्टा के विस्थापित परिवारों को निशुल्क आवास की सुविधा रतहरा और गडरिया गांव में दी जा रही है। पम्पलेट में निर्माणाधीन भवन का छायाचित्र भी प्रदर्शित किया गया था। इस आश्वासन के चलते विस्थापित परिवार इन मकानों में बिना मार्जिन मनी जमा कराए काबिज हो गए। एक आवास पर पंद्रह हजार रुपए की दर से मार्जिन मनी जमा कराए बिना ही विस्थापित लोग ईडब्ल्यूएस आवासों पर काबिज हो गए, जिससे नगर निगम को 4 करोड़ 94 लाख 52 हजार रुपए का नुकसान हुआ था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया गया, जिसको चुनौती देकर यह याचिका दायर की गई।

मामले में आवेदक की ओर से कहा गया कि वसूली का आदेश जारी करने के लिए नगर निगम आयुक्त सक्षम ही नहीं है।  एकलपीठ ने मंगलवार को याचिका की सुनवाई करते हुए रिक्वरी के आदेष पर रोक लगाते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजय के अग्रवाल,  सिद्धार्थ कुमार शर्मा ने पक्ष रखा।

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