लोकपाल को ‘लोगो’, आदर्श वाक्य मिला

नयी दिल्ली, 26 नवम्बर ; भ्रष्टाचार रोधी संस्था ‘लोकपाल’ को मंगलवार को इसका ‘‘लोगो’’ और ‘‘आदर्श वाक्य’’ मिल गया। कार्मिक मंत्रालय के बयान के मुताबिक इसके लिये एक खुली प्रतियोगिता के जरिये 6,000 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थी।

खुली प्रतियोगिता के तहत देश के विभिन्न हिस्से से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों से ‘‘लोगो’’ के लिए 2,236 तथा ‘‘आदर्श वाक्य’’ के लिए 4,705 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।

कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि ‘‘लोगो’’ का डिजाइन प्रविष्टियों में से चुना गया, लेकिन आदर्श वाक्य के लिए किसी भी प्रविष्टि को उपयुक्त नहीं पाया गया और इसे स्वयं लोकपाल ने चुना।

बयान में बताया गया है कि त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के आधार पर उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद के रहने वाले प्रशांत मिश्र की डिजाइन को लोकपाल के लोगो के लिए चुना गया है।

मिश्र ने बताया कि ‘‘लोगो’’ लोकपाल के शाब्दिक पर आधारित है। इसमें ‘लोक’ का अर्थ जनता और ‘पाल’ का मतलब देखभाल करने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘‘लोगो’’ दर्शाता है कि लोकपाल किस तरह से कानून के मुताबिक देश की जनता की रक्षा और देखभाल करता है। उन्होंने बताया कि ‘‘लोगो’’ में तीन रंग हैं जो लोकपाल के राष्ट्रीय तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।

लोकपाल के ‘‘लोगो’’ और आदर्श वाक्य के लिए 13 जून 2019 तक प्रविष्टियां मांगी गई थी और विजेता को 25 हजार रुपये नकद इनाम मिलेगा।

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