दोस्त के साथ मिलकर जीजा की हत्या करने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास

महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर ८ नवंबर ;अभी तक;  श्री जसवंतसिंह यादव, अपर सत्र न्यायाधीश, नीमच द्वारा दोस्त के साथ मिलकर जीजा के हत्या करने वाले आरोपियो को आजीवन कारावास एवं 5,000-5,000रू जुर्माना तथा साक्ष्य नष्ट करने के आरोप का दोषी पाकर 7 वर्ष के सश्रम कारावास व 2,000-2,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया।
श्री जगदीश चौहान, जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 24.06.2017 को कमलेश जाट नामक व्यक्ति को जलेश्वर महादेव मंदिर के पास ग्राम हरवार में जंगल में एक सड़ी हुई लाश दिखाई दी, जिसकी सूचना उसने जीरन पुलिस को दी। जीरन पुलिस द्वारा लाश का पी.एम. कराया गया, जिसमें सिर पर चोट आने से मृतक की मृत्यु होना बताया तथा लाश की पहचान पुखराज पिता बंशीलाल औड़ के रूप में की गई। मर्ग जॉच के पश्चात् तीन आरोपीगण जिसमें उसकी पत्नी मायाबाई, साला भीमा व उसका दोस्त कालु उर्फ कारूलाल के विरूद्ध अपराध क्रमांक 176/17, धारा 302, 201, 120बी, 34 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। विवेचना में पता चला कि मृतक, आरोपिया पर शंका करता था इसलिए परेशान होकर जब दिनांक 20.06.2017 को मृतक अपनी नातरे लायी पत्नी आरोपिया माया के साथ 10,000रू. लेकर साले की शादी में जाने हेतु उदयपुर रवाना हुआ तथा रास्ते में मायाबाई ने उसके भाई भीमा औड़ व कारूलाल भील से मिलकर उसके पति की पत्थरो से कुचलकर हत्या कर रूपये व एटीएम ले लिये थे। पुलिस जीरन द्वारा विवेचना उपरांत अभियोग पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसको जघन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित किया गया। विचारण के दौरान आरोपिया मायाबाई के फरार हो जाने से शेष 2 आरोपी के विरूद्ध विचारण न्यायालय में चला।
श्री जगदीश चौहान, जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अभियोजन की ओर से परिस्थितिजन्य साक्ष्य की कड़ियो को जोड़ने वाले सभी महत्वपूर्ण साक्षीगण के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया हैं तथा दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपीगण द्वारा षड़यंत्रपूर्वक पत्थरो से कुचलकर मृतक की हत्या की हैं, इसलिए आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री जसवंतसिंह यादव, अपर सत्र न्यायाधीश, नीमच द्वारा आरोपी साला (1) भीमा पिता भैरूलाल औड़, उम्र-25 वर्ष, ग्राम कचौली, थाना जीरन, जिला नीमच एवं उसके दोस्त आरोपी (2) कालु उर्फ कारूलाल उर्फ ओमप्रकाश पिता मांगीलाल भील, उम्र-18 वर्ष, निवासी हर्कियाखाल, जिला नीमच को धारा 302/120बी भादवि (षड़यंत्र कर हत्या करना) में आजीवन कारावास व 5,000-5,000रू. जुर्माना तथा धारा 201 भादवि (लाश को झाड़ियो में छुपाकर साक्ष्य नष्ट करना) में 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2,000-2,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश चौहान, जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई

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