चिता की आग ठंडी होने के पूर्व रेलवे ने दी निपटारा राशि

मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल १२ अक्टूबर ;अभी तक;  किसी भी शासकीय कर्मचारी के लिए सेवानिवृत्त होने के बाद उसके स्वत्वो का भुगतान लेने और किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर उसकी निपटारा राशि लेने परिजनों की दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर चप्पले घिस जाती है। लेकिन मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने इस हकीकत को झुठलाते हुए निपटारा राशि के भुगतान की नई मिसाल पेश की है। मंडल रेल प्रबंधक नागपुर सोमेश कुमार के मानवीय रवैये से शुक्रवार शाम लगभग साढ़े छह बजे मरामझिरी स्टेशन पर मालगाड़ी से टकराने से मृत हुए प्वाइंटमेन के परिजनों को उनकी चिता की आग ठंडी होने के पूर्व 24 घंटे से भी कम समय में शनिवार शाम लगभग 5 बजे उनके घर पहुंचकर मृतक रेल कर्मी की पत्नी और पुत्रों को निपटारा राशि का चैक सौंपा। वहीं अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई 15-20 दिनों में करने का आश्वासन दिया। वहीं कर्मचारी क्षतिपूर्ति राशि 25 लाख रूपए भी दो-तीन दिनों में देने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार शाम को हुई थी प्वाइंटमेन की मौत
मध्य रेलवे नागपुर मंडल अंतर्गत बैतूल के समीप मरामझिरी स्टेशन पर पदस्थ प्वाइंटमेन रामकरण डढोरे पिता अंछाराम डढोरे शुक्रवार शाम को मरामझिरी स्टेशन पर ड्यूटी कर रहा था। शाम लगभग 6.25 बजे मरामझिरी स्टेशन से अप ट्रेक पर राजधानी एक्सप्रेस निकली जिसे झंडी बताने रामकरण प्लेटफार्म दो पर गया था। प्लेटफार्म दो से पटरी पार करते हुए वह प्लेटफार्म एक पर आ रहा था इस दौरान डाऊन मेन लाइन से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गया। जिससे रामकरण की मौके पर ही मौत हो गई।
शनिवार सुबह हुआ पीएम
रेलकर्मी की मौत की सूचना रात्रि में ही वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जीआरपी बैतूल ने पंचनामा बनाकर शव जिला चिकित्सालय लाया। शनिवार सुबह जिला अस्पताल में पीएम करने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
रात्रि में ही दी अंत्येष्टि राशि
ड्यूटी के दौरान रेलकर्मी की मौत होने की सूचना मिलते ही नागपुर डीआरएम सोमेश कुमार ने मानवता का परिचय देते हुए मदद की पहल शुरू कर दी। डीआरएम द्वारा निर्देश देने के बाद हादसे के चार घंटे बाद ही कल्याण निरीक्षक ने अंत्येष्टि के लिए 40 हजार रूपए की सहायता राशि परिजनों को सौंपी। रात्रि में ही नागपुर से सहायक परिचालक प्रबंधक श्री चांदवानी बैतूल पहुंचे। उन्होंने शनिवार सुबह मृतक रेलकर्मी के घर पहुंचकर डीआरएम एवं रेलवे की ओर से पुष्पांजली अर्पित की।
त्वरित भुगतान करने गठित की उच्च स्तरीय कमेटी
डीआरएम सोमेश कुमार ने हादसे की जानकारी मिलते ही उच्च स्तरीय कमेटी गठित करते हुए कार्मिक, लेखा तथा परिचालन विभाग को निर्देश दिए कि कर्मचारी के परिवार को दी जाने वाली राशि का त्वरित भुगतान करें। डीआरएम के निर्देश के बाद प्रवर मंडल कार्मिक अधिकारी गोरक्ष जगताप, प्रवर मंडल परिचालन प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव, प्रवर मंडल वित्त प्रबंधक विजय कदम ने तत्परता से कार्य करते हुए 24 घंटे के अंदर निपटारा राशि 15 लाख 86 हजार 812 रूपए कर्मचारी के बैंक अकाउंट्स में जमा करवा दी।
मृतक के घर पहुंचे रेल अधिकारी
शनिवार को मंडल परिचालन प्रबंधक सुमित कुमार दोपहर 3 बजे निपटारा राशि सहित अन्य कागजी कार्यवाही पूर्ण कर बैतूल पहुंचे। सुमित कुमार के साथ ही सहायक परिचालन प्रबंधक श्री चांदवानी, बैतूल स्टेशन प्रबंधक वीके पालीवाल मृतक रेलकर्मी के घर पहुंचे। जहां पहले वे अंत्येष्टि में शामिल हुए। मोक्षधाम में मृतक के दोनों पुत्रों को सांत्वना दी वहीं मोक्षधाम से शाम लगभग 5 बजे मृतक के घर बडोरा पहुंचे। यहां मृतक की पत्नी पुष्पा बाई डढोरे से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्हें निपटारा राशि बैंक अकाउंट में जमा होने की जानकारी दी, वहीं 90 हजार रूपए का चैक भी दिया।
2-3 दिन में जमा होगी डब्लूसीए राशि
इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने मृतक रेलकर्मी की पत्नी को आश्वासन दिया कि निपटारा राशि के साथ ही ड्यूटी के दौरान मौत होने पर रेलवे द्वारा दी जाने वाली कर्मचारी क्षतिपूर्ति राशि (डब्लूसीए) 25 लाख रूपए भी दो तीन दिन में दे दी जाएगी। इसके साथ ही मृतक के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति देने 15 दिनों के अंदर कार्यवाही की जाएगी।

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