खुशियों की दास्तां- अब आसानी से भोजन ग्रहण कर पाता है आदित्य

मयंक भार्गव
बैतूल, 09 अक्टूबर ;अभी तक;  जिले के विकासखण्ड आमला के ग्राम रेंगाढाना (बारंगवाड़ी) निवासी आदित्य पिता दिलीप उइके जन्म से ही कटे होंठ एवं फटे तालू की समस्या से ग्रसित था। आदित्य का जन्म 20 अगस्त 2018 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमला में हुआ। कटे होंठ एवं फटे तालू की वजह से आदित्य का ग्रहण किया हुआ भोजन मुंह से बाहर निकल आता था। नर्सिंग स्टाफ द्वारा जन्म के समय ही आरबीएसके चिकित्सक को इस संबंध में जानकारी दे दी गई थी।
चिकित्सकों द्वारा आदित्य के परिजनों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत नि:शुल्क ऑपरेशन की जानकारी दी गई, किन्तु जन्म के समय आदित्य का वजन बहुत कम था, जबकि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सर्जरी हेतु  न्यूनतम वजन 3 माह की उम्र में 5 किलोग्राम होना अनिवार्य है। कम वजन के कारण आदित्य का पंजीयन डीईआईसी (जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र) में कराया गया। वजन वृद्धि हेतु आदित्य को 14 दिन तक एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र बैतूल) भर्ती किया गया। आदित्य का 6 माह, एक साल की उम्र में वजन ऑपरेशन हेतु तय सीमा से कम पाया गया। लगातार फॉलोअप एवं समझाईश के बाद लगभग डेढ़ वर्ष की उम्र में आदित्य के वजन में वृद्धि पाई गई, जो सर्जरी हेतु उपयुक्त थी। आदित्य की मां लगातार आरबीएसके  चिकित्सा दल के संपर्क में रहीं, जबकि आदित्य की दादी ऑपरेशन न कराने की बात कहकर आदित्य को अस्पताल ले जाने से कतराती रहीं। चिकित्सालय के चिकित्सकों की समझाईश एवं समन्वित प्रयास से आदित्य के परिजन ऑपरेशन कराने हेतु सहमत हो गये। पाढर चिकित्सालय में 20 सितंबर 2019 को आदित्य का सफल सीएलसीपी (क्लेफ्ट लिप क्लेफ्ट पैलेट) का ऑपरेशन सम्पन्न हुआ। अब आदित्य के वजन में भी वृद्धि है और वह आसानी से भोजन भी ग्रहण कर पाता है। आदित्य के परिजन शासन की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना का आभार व्यक्त करते हैं।

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