उफनती नर्मदा के कारण  मोरटकका पुल चौथे दिन भी बंद, औसतन प्रतिदिन 100 करोड का कारोबार प्रभावित:

12:16 pm or September 11, 2019
उफनती नर्मदा के कारण  मोरटकका पुल चैथे दिन भी ंबद ृ औसतन प्रतिदिन 100 करोड का कारोबार प्रभावित: सभी व्यथित। खंडवा इंदौर का रेल यातायात पहले ही बंद अब सडक संपर्क टूटा।

मयंक शर्मा

खंडवा ११ सितम्बर ;अभी तक;  नर्मदा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से इंदौर-इच्छापुर हाईवे स्थित  मोरटक्का पुल चैथें दिन बुधवार  को भी ट्रैफिक बंद है। नर्मदा घाटी के जिले  के द्वय बांध में, क्षमता से ज्यादा जलभराव के चलते इंदिरा सागर बांध के 12  गेट  एवं  आंकारेश्वर बांध के 18 गेट से निरंतर पिछले  तीन सप्ताह े पानी  छोडा जा रहा है लेकिन रविवार देर रात मोरटकका पुल पर नर्मदा खतरे के  निशान को छु जाने से पुल र से यातायात रोक दिया गया हे।  काचीगुडा-हैद्राबाद – अजमेर रेल मार्ग के अमा परिवर्तन के शेश रहे हिस्से के  कार्य के लिये पिछले 14 माह से अकोला खडवा महू इंदौर के बीच रेल मार्ग बंद  पडा है। अब नर्मदा के उफान से खडवा इंदौर का सडक संपर्क भी टूट गया  है। दोहरा संकट ने स्थिति को बुरी तरह लडखडा दिया है।

उफनती नर्मदा के कारण  मोरटकका पुल चैथे दिन भी ंबद ृ औसतन प्रतिदिन 100 करोड का कारोबार प्रभावित: सभी व्यथित। खंडवा इंदौर का रेल यातायात पहले ही बंद अब सडक संपर्क टूटा।

उफनती नर्मदा के कारण  मोरटकका पुल चैथे दिन भी ंबद
ृ औसतन प्रतिदिन 100 करोड का कारोबार प्रभावित: सभी व्यथित।
खंडवा इंदौर का रेल यातायात पहले ही बंद अब सडक संपर्क टूटा।

पुल के दोनों ओर 2 हजार से अधिक ट्क फंसे हुये है।  व्यापारिक सूत्रो ंके अनुसार ं दक्षिण का उत्तरी राज्यो से खंडवा -इंदौैर के  रास्ते  सीधा सडक सपंर्क टूट जाने से करीब 5 सौ करोड रूपयो से अधिक का  कारोबार प्रभाविज हुआ है।
बरगी तवा सहित नर्मदा सहित प?िचमी प्रदेश की अन्य नदियो ंमें बाढ  एव गेट खोलकर पानी छोडे जाने से नर्मदा अपने सामान्य स्तर 155.3  मीटर  की अेपेक्षा 164.8 मीअर के स्तर पर बह रही है। पुल जलमग्न होने से नर्मदा  अभी भी करीब 4 फुट नीचे बह रही है।
जिल के इंदिरा सागर परियोजना प्रमुख अनुराग शेठ ने  बताया कि बरगी-तवा सहित अन्य जगहों से आ रहे पानी के कारण बांध का  जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। डैम की क्षमता 12.22 बिलियन क्यूबिक मीटर है।  क्षमता से अधिक पानी होने के कारण 12 गेट खोलकर 20800 क्यूमेक्स पानी  छोड़ा जा रहा है। इसी तरह  यहां से निकल रहे पानी के कारण ओंकारेश्वर  बांध भी अपनी क्षमता से ज्यादा भर चुका है। इसके 18 गेट से 23000 क्यूमेक्स  पानी छोड़ा जा रहा है।
पुनासा एसडीएम ममता खेडे ने बताया कि नर्मदा मे बाढ के खतरे को  देखते हुये नर्मदा  के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर रखा है वही  सुरक्षा  की दृष्टि से रविवार रात से मोरटक्का पुल से ट्रैफिक रोक दिया गया है।   छोटे वाहनों को एक्वाडक्ट पुल से निकाला गया। कई बड़े वाहन चालक बाढ़  का पानी कम होने के इंतजार में खड़े रहे तो कुछ देशगांव के रास्ते खलघाट  होते हुए गंतव्य स्थानों के लिये आवाजाही कर रहे है।  पुलिस व प्रशासन के  कर्मचारी पुल पर निगरानी रखे हुये  हैं। प्रशासन ने रविवार शाम को ही नर्मदा  किनारे आश्रम व मंदिर खाली करा लिए थे।
नर्मदा को ऊपरी क्षेत्र से प्रवाह ज्यादा होने और बरगी-तवा बांधों के गेट  खोलने से नर्मदा में बाढ़ है। प्रवाह कम होने और पुल की जांच के बाद ही  आवागमन शुरू किया जाएगा। ओकारेश्वर बांध का जलस्तर 193 मीटर पर है।

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